Breakingउत्तराखंडकुमाऊँक्राइमगढ़वालदेहरादून
Trending

STF की रणनीति और तकनीक का दिखा दम, साइबर अपराध नियंत्रण में उत्तराखंड देश के टॉप-5 में

आईजी एसटीएफ निलेश आनंद भरणे और SSP एसटीएफ अजय सिंह की अगुवाई में STF की बड़ी उपलब्धि, साइबर क्राइम कंट्रोल में राष्ट्रीय पहचान

Listen to this article

देहरादून। उत्तराखंड पुलिस ने साइबर अपराध नियंत्रण और तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से 6 अगस्त 2026 को आयोजित PRAGATI समीक्षा बैठक में प्रस्तुत State/UT Performance Matrix के अनुसार उत्तराखंड ने साइबर अपराध प्रबंधन में देशभर के टॉप-5 राज्यों में स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि साइबर अपराध नियंत्रण, पीड़ित सहायता और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग के क्षेत्र में राज्य पुलिस के उत्कृष्ट कार्यों का प्रमाण मानी जा रही है।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड पुलिस की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह राज्य सरकार की “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि” की कार्यसंस्कृति, आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग और पुलिस की प्रतिबद्ध कार्यशैली का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड पुलिस भविष्य में भी नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने और साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए इसी समर्पण के साथ कार्य करती रहेगी।

PRAGATI समीक्षा के दौरान गृह मंत्रालय के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) द्वारा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन S4C की स्थापना, e-Zero FIR, GRM, Money Restoration Module (MRM), Sahyog Portal, Samanvaya, सूचना साझाकरण, CIAR अनुपालन, CyTrain, साइबर हॉटस्पॉट विश्लेषण और साइबर जागरूकता जैसे प्रमुख मानकों पर किया गया। इन अधिकांश मानकों पर उत्तराखंड का प्रदर्शन उत्कृष्ट पाया गया।

राज्य में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप उत्तराखंड स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (US4C) की स्थापना की दिशा में अधिसूचना जारी की जा चुकी है तथा इसके लिए पृथक भवन और आवश्यक आधारभूत ढांचे के विकास हेतु बजट का भी प्रावधान किया गया है। वहीं STF उत्तराखंड द्वारा I4C के सहयोग से साइबर अपराधों की रोकथाम, अन्वेषण, तकनीकी सहायता, अंतरराज्यीय समन्वय और पीड़ित सहायता व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

e-Zero FIR प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से पात्र शिकायतों पर समयबद्ध मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि Money Restoration Module के माध्यम से साइबर ठगी के शिकार लोगों की धनराशि सुरक्षित कराने और वापस दिलाने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। इसके अलावा म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध विशेष अभियान, Sahyog और Samanvaya पोर्टल का प्रभावी उपयोग, साइबर हॉटस्पॉट की निगरानी तथा CyTrain और Cyber Commando Programme के जरिए पुलिस कर्मियों का नियमित प्रशिक्षण भी राज्य की उपलब्धियों में शामिल रहा।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय की PRAGATI समीक्षा में देश के शीर्ष पांच राज्यों में स्थान प्राप्त करना उत्तराखंड पुलिस के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इसे राज्य सरकार के मार्गदर्शन, STF और सभी संबंधित इकाइयों के समन्वित एवं तकनीक आधारित प्रयासों का परिणाम बताया।

आईजी STF निलेश आनंद भरणे ने कहा कि साइबर अपराध लगातार नए स्वरूप में सामने आ रहे हैं, ऐसे में तकनीकी दक्षता, त्वरित कार्रवाई और अंतरराज्यीय समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाना STF की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

SSP STF अजय सिंह ने कहा कि STF की टीम आधुनिक तकनीक, डेटा विश्लेषण और राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय के माध्यम से साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी साइबर ठगी, म्यूल खातों और संगठित साइबर अपराधों पर और अधिक प्रभावी कार्रवाई की जाएगी तथा आम नागरिकों को जागरूक करने के अभियान भी तेज किए जाएंगे।

उत्तराखंड पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी के साथ OTP, UPI PIN, CVV या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मोबाइल ऐप से सावधान रहें। यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है तो तत्काल 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें, ताकि समय रहते धनराशि सुरक्षित कर वापस दिलाने की कार्रवाई की जा सके।

Faizan Khan Faizy Editorial Advisor

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!