उत्तराखंड

पत्नी की हत्या के आरोपी के खिलाफ 17 गांव एकजुट, लिया सामाजिक बहिष्कार का फैसला

Listen to this article

विकासनगर। देहरादून जिले के कालसी ब्लॉक के कचटा गांव में पत्नी की हत्या के आरोपी पति के खिलाफ खतपट्टी कोरू के ग्रामीणों ने सख्त फैसला लिया है। सोमवार को हुई खुली बैठक में आरोपी मनोज का सामाजिक बहिष्कार करने और कानूनी लड़ाई में उसकी मदद करने वालों पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया। बैठक में 17 गांवों के ग्रामीण शामिल हुए।

जानकारी के अनुसार, 8 अक्टूबर को कचटा गांव में 22 वर्षीय नीलू उर्फ नीलम की उसके पति मनोज पर धारदार हथियार दरांती से गर्दन पर वार कर हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। अगले दिन ग्रामीणों ने उसे गांव के पास एक छानी से पकड़कर राजस्व पुलिस के हवाले कर दिया। राजस्व पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और मेडिकल कराने के बाद अदालत में पेश किया। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।

आरोपी परिवार ने सहयोग न करने की बात कही

खत कोरू के सदर स्याणा सुनील दत्त जोशी की अध्यक्षता में हुई खुली बैठक में इस घटना की कड़ी निंदा की गई। बैठक में परिवारजनों ने कहा कि आरोपी के परिवार का कोई भी सदस्य उसकी पैरवी, गवाही या जमानत में सहयोग नहीं करेगा। साथ ही कानून से आरोपी को सख्त से सख्त सजा देने की अपील की गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि खत कोरू का कोई व्यक्ति, आरोपी के परिवार में ब्याही हुई लड़कियां या अन्य रिश्तेदार कानूनी मामले में उसकी मदद करते हैं, तो उन पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उन्हें खत से बहिष्कृत कर दिया जाएगा। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि यदि भविष्य में आरोपी कानूनी प्रक्रिया के तहत छूट जाता है, तब भी उसे परिवार, गांव और खत क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

हत्या की घटना से क्षेत्र में आक्रोश

कचटा गांव में हुई इस घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश है। जानकारी के मुताबिक, 24 वर्षीय मनोज और 22 वर्षीय नीलू उर्फ नीलम की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। घटना की वजह आपसी झगड़ा बताई जा रही है।

खत कोरू के सदर स्याणा सुनील जोशी ने कहा कि महिला की हत्या बेहद दर्दनाक घटना है और समाज इसकी कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग शांतिप्रिय हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से आरोपी के खिलाफ यह फैसला लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी की मदद करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में 17 गांवों के ग्रामीण रहे मौजूद

खतपट्टी कोरू की बैठक में सदर स्याणा सुनील जोशी के साथ वीरेन्द्र सिंह, माया सिंह, हाकम सिंह, केदार सिंह, बलिया, विक्रम सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

क्या होती है खतपट्टी?

उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र में खतपट्टी गांवों के समूह को कहा जाता है। खतपट्टी कोरू में 17 गांव शामिल हैं, जिनमें कचटा गांव भी आता है। यह क्षेत्र अपनी विशिष्ट परंपराओं और संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां सामाजिक और सामुदायिक मामलों पर चर्चा के लिए खत के सदर स्याणा के नेतृत्व में बैठक बुलाई जाती है, जिसमें विभिन्न गांवों के प्रतिनिधि भाग लेते हैं और सहमति से निर्णय लेने का प्रयास किया जाता है।

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!