दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के खिलाफ कांग्रेस का मौन उपवास, गांधी पार्क में प्रदर्शन

देहरादून। उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को देहरादून के गांधी पार्क में एक घंटे का मौन उपवास रखा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कार्यकर्ता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने उपवास पर बैठे। इस दौरान कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की।
कांग्रेस का आरोप है कि अंकिता भंडारी के माता-पिता की ओर से मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसके बावजूद भाजपा सरकार ने सीबीआई जांच कराने के बजाय दुष्यंत गौतम को राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्त किया है। कांग्रेस ने इस फैसले को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि मामले में सीबीआई जांच के बिना ऐसा निर्णय लेना उचित नहीं है।
वहीं, इससे पहले सोमवार को वोट के अधिकार को लेकर विभिन्न संगठनों ने भी देहरादून में विरोध मार्च निकाला। सिटीजन फोरम, उत्तराखंड इंसानियत मंच, उत्तराखंड महिला मंच, कम्युनिस्ट पार्टी और क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन समेत विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता गांधी पार्क में एकत्र हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए सचिवालय स्थित मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
सचिवालय से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। सड़क पर धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं को हटाने के पुलिस के प्रयास के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे मौके पर कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
प्रदर्शन में शामिल सोशल एक्टिविस्ट स्वाति नेगी ने आरोप लगाया कि सरकार नागरिकों के वोट देने के अधिकार को छीनने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने वोट के अधिकार की रक्षा का हक मिलना चाहिए। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि वोटों में किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका न रहे।



