अर्धकुंभ से पहले हरिद्वार को मिलेगी बड़ी सौगात, दिसंबर में खुल सकता है नया कॉरिडोर

हरिद्वार। अर्धकुंभ-2027 की तैयारियों के बीच दिल्ली से हरिद्वार पहुंचने वाले यात्रियों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ गई है। 51 किलोमीटर लंबे छह लेन के स्पर-टू हरिद्वार कॉरिडोर का निर्माण अंतिम चरण में है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अनुसार, परियोजना का 95 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। शेष काम नवंबर तक पूरा होने और दिसंबर से मार्ग को यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य है।
कॉरिडोर शुरू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर से हरिद्वार आने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे अर्धकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम होने की उम्मीद है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में दिल्ली से हरिद्वार की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने और अगले महीने नया मार्ग खोलने की दिशा में काम किए जाने की बात कही थी। इससे परियोजना को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।
सहारनपुर से बहादराबाद तक बनेगा वैकल्पिक मार्ग
दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे से जुड़ने वाला यह कॉरिडोर सहारनपुर के हलगोया मुस्तकम से शुरू होकर भगवानपुर, सालियर और कलियर होते हुए भड़ेड़ी राजपूताना के पास मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-58 से जुड़ेगा। बहादराबाद टोल प्लाजा के पास कॉरिडोर के एक छोटे हिस्से का निर्माण अभी शेष है, जिसे जल्द पूरा करने की उम्मीद है।
एनएचएआई के अनुसार, परियोजना का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है। अधिशासी अभियंता अतुल शर्मा ने बताया कि कॉरिडोर को दिसंबर में यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य है। इसके शुरू होने से दिल्ली से हरिद्वार आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और सफर में करीब ढाई घंटे का समय लगने की उम्मीद है।
अर्धकुंभ में श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
अर्धकुंभ-2027 के दौरान दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा, सालभर होने वाले स्नान पर्वों पर भी दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में लोग हरिद्वार आते हैं। ऐसे में नया कॉरिडोर शुरू होने से यातायात का दबाव कम करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान बनाने में मदद मिल सकती है।
कारोबारियों और स्थानीय लोगों को भी होगा फायदा
कॉरिडोर का लाभ केवल अर्धकुंभ तक सीमित नहीं रहेगा। दिल्ली-एनसीआर से आने वाले पर्यटकों और चारधाम यात्रियों को भी इससे सुविधा मिलने की उम्मीद है। यातायात सुगम होने से हरिद्वार के होटल, धर्मशाला, परिवहन, खानपान और स्थानीय बाजारों से जुड़े कारोबारियों को फायदा हो सकता है। वहीं, सिडकुल के मालवाहक वाहनों और स्थानीय लोगों के लिए भी आवागमन आसान होने की संभावना है।
परियोजना के शेष निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करना अब एनएचएआई के लिए अहम होगा। दिसंबर में कॉरिडोर यातायात के लिए खुलने पर दिल्ली और हरिद्वार के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ अर्धकुंभ के दौरान यातायात प्रबंधन में भी मदद मिलने की उम्मीद है।



