जनपद चंपावत सहित आसपास के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में लगातार बदल रहे मौसम, आंधी-तूफान और वर्षा को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। सभी विभागों को आपदा की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने और रेस्पॉन्स टाइम कम करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया है कि बारिश के कारण सड़कों पर बने गड्ढों को तत्काल आरबीएम (RBM) सहित अन्य सामग्री डालकर भरा जाए, ताकि यातायात सुचारू बना रहे और दुर्घटनाओं की संभावना न रहे।
वहीं तेज हवाओं और आंधी के कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए विद्युत विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली बाधित होने की स्थिति में आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल करने को कहा गया है। साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी को आवश्यक खाद्यान्न एवं अन्य जरूरी वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि आपदा कंट्रोल रूम अथवा आम नागरिकों से प्राप्त होने वाली प्रत्येक कॉल को प्राथमिकता के आधार पर रिसीव किया जाए और प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।
भूस्खलन जैसी संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और जिला मुख्य मार्गों के संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी और पोकलैंड मशीनों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में मार्गों को शीघ्र खोला जा सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिला आपदा परिचालन केंद्र से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति में जिला आपदा परिचालन केंद्र अथवा निकटतम शासकीय कार्यालय से संपर्क कर सहायता प्राप्त करें।
आपदा नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर:
05965-230819, 05965-230703, 1077, 7895318895, 7579060090 और 9528135726।



