उत्तराखंड

मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में भाजपा हारी, निर्दलीय उम्मीदवार बना अध्यक्ष

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चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की चंपावत विधानसभा क्षेत्र स्थित पाटी नगर पंचायत चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगा है। नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी नारायण लाल ने भाजपा प्रत्याशी नवीन राम को हराकर जीत दर्ज की है। नारायण लाल प्रसिद्ध गायक और Pawandeep Rajan के जीजा हैं।

घोषित परिणामों के अनुसार नारायण लाल को 738 मत प्राप्त हुए, जबकि भाजपा प्रत्याशी नवीन राम को 514 मत मिले। इस तरह नारायण लाल ने 224 मतों के अंतर से जीत हासिल कर नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया।

परिणाम घोषित होने में देरी से समर्थकों में नाराजगी

मतगणना के दौरान अध्यक्ष पद के परिणाम को लेकर काफी देर तक संशय की स्थिति बनी रही। परिणाम घोषित करने और विजयी प्रमाण पत्र जारी करने में हुई देरी से नारायण लाल के समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। हालांकि, प्रमाण पत्र मिलने के बाद समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ विजय जुलूस निकालकर जीत का जश्न मनाया।

सभासद पदों के परिणाम भी घोषित

नगर पंचायत के चारों वार्डों के सभासद पद के परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं।

न्यू कॉलोनी वार्ड से नवल पचौली 183 मत प्राप्त कर विजयी रहे।

जौलाड़ी वार्ड से बबलू पाटनी ने 151 मत हासिल कर जीत दर्ज की।

रानीचौड़ वार्ड से शांति देवी 166 मत प्राप्त कर निर्वाचित हुईं।

पूनाकोट वार्ड से संगीता 145 मत हासिल कर सभासद चुनी गईं।

राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे नतीजे

पाटी नगर पंचायत के चुनाव परिणामों को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी की हार ने स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनाव परिणामों ने यह भी संकेत दिया है कि निकाय चुनाव में मतदाताओं ने पार्टी की बजाय उम्मीदवार के चेहरे को अधिक महत्व दिया।

अगले साल होने हैं विधानसभा चुनाव

उत्तराखंड में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों दल चुनावी तैयारियों में जुटे हुए हैं। हाल ही में कांग्रेस नेता Rahul Gandhi का उत्तराखंड दौरा खराब मौसम के कारण स्थगित हो गया था, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव Nitin Navin भी हाल में उत्तराखंड पहुंचे थे। ऐसे में पाटी नगर पंचायत के नतीजों को आगामी चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

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