
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा एवं पीएमएस डॉ. यतेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न वार्डों एवं काउंटरों की व्यवस्थाओं को परखा और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा ने बिलिंग काउंटर और ओपीडी काउंटर का जायजा लिया। उन्होंने कर्मचारियों को मरीजों के ओपीडी पर्चे आभा आईडी के माध्यम से भी बनाने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। साथ ही बिलिंग प्रक्रिया को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए बिलिंग एवं ओपीडी काउंटर पर बारकोड लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी न हो और प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
इसके बाद अधिकारियों ने थैलेसीमिया वार्ड का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पीएमएस डॉ. यतेंद्र सिंह ने स्टाफ को निर्देश दिए कि DEIC के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर मरीजों के हित में कार्य किया जाए। सीएमओ ने बताया कि वर्तमान में जिला चिकित्सालय में कुल 88 थैलेसीमिया मरीज उपचार ले रहे हैं।
अधिकारियों ने बर्न यूनिट का भी निरीक्षण किया। बताया गया कि यूनिट में 10 बेड संचालित हैं, जिनमें वर्तमान में तीन मरीज भर्ती हैं। वहीं अस्पताल के आईसीयू की स्थिति का भी जायजा लिया गया। वर्तमान में आईसीयू के सभी 12 बेड मरीजों से भरे हुए हैं। आने वाले अतिरिक्त आईसीयू मरीजों को आवश्यकता के अनुसार रिकवरी वार्ड में रखने की व्यवस्था की गई है। पीएमएस ने बताया कि आईसीयू के लिए ऑन-कॉल विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे जरूरत पड़ने पर मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने जेरियाट्रिक वार्ड, पीडियाट्रिक वार्ड और मेल सर्जरी वार्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डों में साफ-सफाई, एयर कंडीशनिंग एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को परखा। साथ ही भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा एवं पीएमएस डॉ. यतेंद्र सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य अस्पताल की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाते हुए मरीजों को सुगम, बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।



