ED की कार्रवाई के बाद हरीश रावत का इस्तीफे का ऐलान, BJP ने बताया ‘सहानुभूति बटोरने का हथकंडा

देहरादून: पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के पूर्व विशेष कार्याधिकारी (OSD) और निजी सचिव चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। ED की कार्रवाई के बाद हरीश रावत ने कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी और कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के स्थायी आमंत्रित सदस्य पद से इस्तीफे की पेशकश की है। उनके इस ऐलान पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है।
ED की कार्रवाई ओएमआर शीट्स में कथित हेरफेर से जुड़े धन शोधन मामले में हुई है। तलाशी के दौरान चंदन सिंह जीना के ठिकानों से 32 लाख रुपये से अधिक नकदी, करीब 200 ग्राम सोना और रोलेक्स-राडो जैसी 12 लक्जरी घड़ियां बरामद किए जाने की बात सामने आई है।
हरीश रावत के इस्तीफे की पेशकश पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि हरीश रावत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और अक्सर कांग्रेस के भीतर अपनी स्थिति मजबूत करने तथा जनता की सहानुभूति बटोरने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा उस दिन की प्रतीक्षा कर रही है, जब हरीश रावत कांग्रेस को अलविदा कहेंगे।
ED की कार्रवाई को चुनाव से जोड़ने के आरोपों पर महेंद्र भट्ट ने कहा कि ED एक स्वायत्त जांच एजेंसी है और उसका काम निरंतर चलता रहता है। उन्होंने कहा कि UKSSSC भर्ती प्रक्रिया में शुरू से ही अनियमितताएं हुई हैं। यदि जांच में किसी के यहां से अवैध संपत्ति या सबूत मिलते हैं तो कांग्रेस को इसे सकारात्मक रूप से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं में यह साहस होना चाहिए कि जो गलत करेगा, उसे दंडित किया जाएगा। महेंद्र भट्ट ने चुनावी रंजिश से ED की कार्रवाई को जोड़ना गलत बताया।
वहीं, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने भी हरीश रावत के इस्तीफे की पेशकश पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नैतिक आधार पर इस्तीफा देना होता है तो उसकी पेशकश नहीं की जाती, बल्कि इस्तीफा दे दिया जाता है। उनके मुताबिक माहौल बनाने और दबाव की राजनीति के लिए इस्तीफे की पेशकश करना हरीश रावत का पुराना तरीका रहा है।
विनोद चमोली ने कहा कि OSD मुख्यमंत्री का सीधा प्रतिनिधि होता है। उनके परिसरों से बड़ी मात्रा में संपत्ति मिलने को उन्होंने तत्कालीन शासनकाल से जोड़ते हुए सवाल उठाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के भीतर हरीश रावत अब अलग-थलग पड़ चुके हैं और पार्टी में नया नेतृत्व उभर रहा है।
चमोली ने कहा कि यशपाल आर्य जैसे नेताओं की ओर से ‘एक परिवार-एक टिकट’ की पैरवी किए जाने के बाद हरीश रावत अपने ही चक्रव्यूह में घिर गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने परिवार के लिए टिकटों की स्थिति स्पष्ट न होने से हरीश रावत इस्तीफे की राजनीति कर रहे हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2016 के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती मामले में OMR शीट्स में कथित हेरफेर और अनियमितताओं के आरोप लगे थे। भाजपा नेताओं का कहना है कि धामी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त नकल विरोधी कानून बनाया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की। उनका आरोप है कि पुराने मामलों की जांच आगे बढ़ने पर कांग्रेस नेता मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, किसी व्यक्ति के ठिकाने से नकदी या अन्य संपत्ति की बरामदगी मात्र के आधार पर उसे दोषी नहीं माना जा सकता। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।



