कैबिनेट बैठक में 10 अहम फैसले, खेल, स्वास्थ्य और ऊर्जा विभाग से जुड़े प्रस्ताव मंजूर

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो गई है। बैठक में कुल 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट में स्वास्थ्य, खेल, ऊर्जा, शिक्षा, कारागार, खाद्य और अन्य विभागों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
कैबिनेट ने एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब इंटर्न डॉक्टरों को 17 हजार रुपये के बजाय 25 हजार रुपये स्टाइपेंड मिलेगा। गौरतलब है कि इंटर्न डॉक्टर पिछले कई दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग स्टाइपेंड को 30 हजार रुपये करने की थी। चिकित्सा शिक्षा निदेशक ने दो दिन पहले ही डॉक्टरों को मांगों को लेकर आश्वासन दिया था। अब कैबिनेट ने स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
खेल नीति 2021 के तहत विभिन्न विभागों में खिलाड़ियों के लिए 283 पद आरक्षित किए गए हैं। इन पदों पर खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, गृह विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग और वन विभाग में खिलाड़ियों को नौकरी के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत सहायक अध्यापक व्यायाम के 33 पद पदक विजेताओं के लिए रिजर्व किए गए हैं।
कैबिनेट ने ऊर्जा विभाग और वैकल्पिक ऊर्जा विभाग की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने को मंजूरी दी है। इसके अलावा उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को भी विधानसभा के पटल पर रखने की स्वीकृति दी गई है।
उत्तराखंड कारागार विभाग की सेवा नियमावली के तहत अपर महानिदेशक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में रखने की मंजूरी दी गई है। वहीं, शासकीय अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों के पुनर्निर्धारण को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों के अधिवक्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी होगी।
खाद्य विभाग के विधिक माप विज्ञान में सेवा नियमावली संशोधन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके अलावा जीएमवीएन की पार्किंग में 972 गज जमीन गढ़वाल सभा को देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी है।
वहीं, कर्मचारी राज्य बीमा निगम निदेशालय, हरिद्वार की जमीन के निकट 15 एकड़ भूमि ईएसआई अस्पताल को देने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट के इन फैसलों में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी और खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों में पद आरक्षित करने के निर्णय को प्रमुख माना जा रहा है।



