गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा समापन की ओर, कपाट बंद होने की तैयारियां शुरू,अब तक 9.42 लाख ने किए दर्शन

उत्तरकाशी: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित होने के बाद अब यात्रा सीजन के लिए करीब 20 दिन शेष हैं। गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर को अन्नकूट पर्व पर दोपहर 12:05 बजे बंद किए जाएंगे, जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट 11 नवंबर को भैयादूज के अवसर पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ बंद होंगे।
इस वर्ष गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है। राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर होगा, जब अकेले गंगोत्री धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 10 लाख के पार पहुंचने की उम्मीद है। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल के अनुसार, अब तक 9,42,168 श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के लिए अभी 20 दिन शेष हैं, ऐसे में श्रद्धालुओं की संख्या 10 लाख के पार पहुंचने की संभावना है।
विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट इस वर्ष 19 अप्रैल को देश-विदेश के श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए थे। कपाट खुलने के बाद से ही दोनों धामों में तीर्थयात्रियों की आवाजाही बढ़ी। मानसून के बाद नवरात्र के दौरान भी देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगोत्री पहुंच रहे हैं। चारधाम यात्रा अंतिम चरण में होने के बावजूद यात्रा मार्ग पर अच्छी आवाजाही बनी हुई है। इससे स्थानीय व्यापारियों, होटल और धर्मशाला संचालकों तथा तीर्थ पुरोहितों में उत्साह है।
10 नवंबर को बंद होंगे गंगोत्री धाम के कपाट
शारदीय नवरात्र की नवमी पर सोमवार को गंगोत्री मंदिर समिति ने पूजा-अर्चना के बाद कपाट बंद होने का मुहूर्त निकाला। मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि 10 नवंबर को अन्नकूट और गोवर्धन पूजा के अवसर पर अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12:05 बजे गंगोत्री धाम के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की उत्सव डोली पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा के लिए रवाना होगी। डोली 11 नवंबर को भैयादूज के अवसर पर मुखबा पहुंचेगी। यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां गंगा की पूजा-अर्चना की जाएगी।
यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने का मुहूर्त तय होगा
यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने का मुहूर्त विजयदशमी के अवसर पर निकाला जाएगा। तीर्थ पुरोहित सुनील उनियाल ने बताया कि खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर में पुरोहित समाज की मौजूदगी में विधि-विधान के साथ कपाटबंदी का शुभ मुहूर्त तय किया जाएगा। यमुनोत्री धाम के कपाट 11 नवंबर को भैयादूज पर बंद किए जाएंगे। दोनों धामों के कपाट बंद होने के साथ ही चारधाम यात्रा सीजन समापन की ओर बढ़ जाएगा।
गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि हर साल गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। इस वर्ष 193 दिनों की यात्रा में अब तक 9,42,168 श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के शेष दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या से स्थानीय कारोबारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं।



