
हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े और अवैध रूप से रह रही विदेशी महिला के मामले का खुलासा किया है। बांग्लादेश से आई 41 वर्षीय महिला सहेला बेगम पर आरोप है कि उसने अपने भारतीय प्रेमी के साथ मिलकर न केवल शादी रचाई, बल्कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर लंबे समय तक भारतीय नागरिक के रूप में रह रही थी।
पुलिस के अनुसार इस मामले में महिला का प्रेमी श्यामदास (45) भी शामिल है, जो पिछले चार वर्षों से हरिद्वार में लीज पर होटल चला रहा था।
हमशक्ल पति से बढ़ा जुड़ाव
जांच में सामने आया है कि श्यामदास, महिला के पहले पति अमीर हमजा का हमशक्ल है। पुलिस के मुताबिक इसी समानता ने महिला को भावनात्मक रूप से प्रभावित किया और वह भारत आकर श्यामदास के साथ रहने लगी। महिला ने पूछताछ में बताया कि वह पहले से वैवाहिक जीवन से असंतुष्ट थी और सोशल मीडिया के जरिए श्यामदास के संपर्क में आई थी।
धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और महिला ने सीमाएं पार कर भारत आकर नई पहचान के साथ जीवन शुरू कर दिया।
फर्जी दस्तावेज बनवाकर पहचान बदली
आरोप है कि श्यामदास की मदद से महिला ने कई महत्वपूर्ण भारतीय दस्तावेज बनवाए, जिनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, विवाह प्रमाणपत्र और भारतीय पासपोर्ट शामिल हैं। महिला ने “स्वीटी” नाम से पहचान बनाकर सभी दस्तावेज तैयार करवाए।
पुलिस के अनुसार, महिला 20 मार्च 2023 को बांग्लादेशी पासपोर्ट पर भारत आई थी और उसे 90 दिन की वैध अनुमति मिली थी, लेकिन वह समय सीमा के बाद भी भारत में अवैध रूप से रुकी रही।
हरिद्वार और देहरादून से बने दस्तावेज
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ दस्तावेज हरिद्वार में तथा ड्राइविंग लाइसेंस देहरादून से तैयार कराया गया था। पुलिस का कहना है कि आधार कार्ड और विवाह प्रमाणपत्र बनवाने में सीएससी केंद्र की भूमिका भी सामने आई है।
बांग्लादेश यात्रा और चौंकाने वाला दावा
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि महिला वर्ष 2025 में दो दिनों के लिए बांग्लादेश गई थी और इस दौरान अपने पहले पति से मिली थी। जांच में यह दावा भी सामने आया है कि वह “मछली खाने” के उद्देश्य से बांग्लादेश गई थी, हालांकि पुलिस इस बयान की सत्यता की जांच कर रही है।
अन्य मामलों से भी जुड़ रहे तार
इससे पहले देहरादून में भी ऐसे दो मामले सामने आए थे, जिनमें बांग्लादेशी महिलाओं ने अपनी पहचान छिपाकर स्थानीय युवकों से शादी कर ली थी। दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की गई थी।
फिलहाल हरिद्वार पुलिस पूरे नेटवर्क और दस्तावेज निर्माण में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।



