देहरादून में श्रमिकों का प्रदर्शन हिंसक, 20 गिरफ्तार; 600 से अधिक पर मुकदमा दर्ज

देहरादून: वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर देहरादून के सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों का गुस्सा फूट पड़ा। ट्रांसपोर्टनगर स्थित विंडलास कंपनी के बाहर रविवार को कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया, जो बाद में हिंसक हो गया। पथराव और तोड़फोड़ के आरोप में पुलिस ने 20 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 600 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
सुबह से शुरू हुआ प्रदर्शन
रविवार सुबह करीब 10 बजे, अवकाश के दिन भी लगभग 250 कर्मचारी कंपनी के बाहर एकत्र हुए और वेतन बढ़ोतरी समेत कई मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना था कि लंबे समय से वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है।
श्रमिकों ने महिलाओं के लिए परिवहन सुविधा, अतिरिक्त अवकाश, ओवरटाइम भुगतान, प्लांट में सीसीटीवी कैमरे बढ़ाने और कैंटीन व्यवस्था सुधारने की भी मांग रखी। उनका आरोप है कि प्रबंधन की ओर से उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।
पथराव और हंगामा
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ तत्वों ने माहौल बिगाड़ दिया। फैक्ट्री परिसर और पुलिस बल पर पथराव किया गया। आरोप है कि कुछ लोग संगठित रूप से अन्य श्रमिकों को काम पर जाने से रोक रहे थे और उन्हें भड़का रहे थे।
ग्लोबल मेडिकिट लिमिटेड और लाइटेनियम टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
20 आरोपी गिरफ्तार
थानाध्यक्ष लोकपाल परमार ने बताया कि पथराव और तोड़फोड़ के आरोप में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लोग शामिल हैं। बाकी आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है।
सिडकुल और सेलाकुई में धारा 163 लागू
बढ़ते श्रमिक असंतोष को देखते हुए प्रशासन ने सिडकुल और सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है। इससे बिना अनुमति सभा और प्रदर्शन पर रोक रहेगी।
श्रम विभाग ने कराई वार्ता
मोहब्बेवाला स्थित विंडलास बायोटेक लिमिटेड में भी श्रमिकों ने प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे श्रम विभाग और पुलिस अधिकारियों ने श्रमिकों और प्रबंधन के बीच वार्ता कराई।
सूत्रों के अनुसार, ओवरटाइम भुगतान, महिलाओं की परिवहन सुविधा और कार्यस्थल पर कैमरे बढ़ाने की मांगों पर प्रबंधन ने सहमति जताई है।
राजनीतिक समर्थन भी मिला
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ने मजदूरों के आंदोलन को समर्थन देते हुए वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य स्थितियों की मांग को जायज बताया है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन औद्योगिक क्षेत्र में तनाव बरकरार है। पुलिस ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



