मसूरी में कूड़े का पहाड़ बना आग का गोला, रातभर चला ऑपरेशन

मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। आइडियाज बिल्डिंग के समीप जमा सूखे कूड़े के विशाल ढेर में देर रात अचानक भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात कूड़े के ढेर से उठती लपटें और धुआं देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाने में करीब पांच घंटे का समय लग गया।
रातभर चला राहत और बचाव अभियान
अग्निशमन विभाग के अनुसार आग कूड़े के ढेर के भीतर तक फैल चुकी थी, जिससे उसे बुझाने में काफी कठिनाई हुई। दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछारें कीं, लेकिन अंदर सुलग रही आग बार-बार भड़कती रही। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तीन फायर टेंडरों को मौके पर लगाया गया।
वहीं, मसूरी नगर पालिका की स्वच्छता टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से कूड़े को हटाकर अलग-अलग किया, जिसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
पानी की कमी बनी बड़ी चुनौती
अग्निशमन विभाग के प्रभारी धीरज तड़ियाल ने बताया कि घटनास्थल के आसपास फायर हाइड्रेंट और पर्याप्त जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं होने से अभियान प्रभावित हुआ। दमकल वाहनों को कई बार दूरस्थ जल स्रोतों से पानी भरकर लाना पड़ा, जिसके कारण आग बुझाने में अधिक समय लगा।
कूड़ा प्रबंधन पर उठे सवाल
घटना के बाद अधिकारियों ने खुले स्थान पर बड़ी मात्रा में ज्वलनशील कूड़ा जमा होने पर चिंता जताई है। अग्निशमन विभाग का कहना है कि इतनी मात्रा में सूखा कचरा एक जगह इकट्ठा होना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। विभाग ने इस संबंध में नगर पालिका प्रशासन से चर्चा कर कूड़ा निस्तारण की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही है।
बड़ा हादसा टला
आग लगने वाले स्थान के पास एक परिवार निवास करता है। आग की भयावहता को देखते हुए लोगों को मकानों तक आग फैलने की आशंका थी, लेकिन दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
स्थानीय लोगों ने उठाई मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पर्यटन नगरी मसूरी की पहचान स्वच्छ और सुंदर शहर के रूप में है, लेकिन जगह-जगह कूड़े के ढेर और उनसे पैदा हो रहे खतरे प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं। लोगों ने नगर पालिका से कूड़ा निस्तारण की स्थायी और सुरक्षित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



