
काशीपुर (उधमसिंहनगर)।
जिले के काशीपुर क्षेत्र से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी, जमीन हड़पने और दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में अनूप अग्रवाल का नाम सामने आया है, जिस पर पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
3.5 करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप
पीड़ितों के अनुसार, वर्ष 2016-17 में अनूप अग्रवाल ने खुद को राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से प्रभावशाली बताते हुए स्टोन क्रेशर व्यवसाय में साझेदारी का प्रस्ताव दिया। उन्होंने 36% हिस्सेदारी देने का भरोसा दिलाकर पीड़ितों को अपने झांसे में लिया।
आरोप है कि इसी दौरान योजनाबद्ध तरीके से लगभग 6 एकड़ जमीन, जिसकी कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है, आरोपी ने अपनी पत्नी रेनू अग्रवाल के नाम बैनामा करा ली।
चौंकाने वाली बात यह है कि जमीन का भुगतान करने का वादा किया गया, लेकिन पीड़ितों को एक रुपये तक नहीं दिया गया।
बैंक लोन के जरिए 5.25 करोड़ का खेल
मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि आरोपी ने उक्त जमीन को “मुरलीवाला स्टोन इंडस्ट्रीज लिमिटेड” के नाम पर बैंक में गिरवी रखकर करीब 5.25 करोड़ रुपये का लोन लिया।
इसके बाद यह रकम अपने निजी खातों में ट्रांसफर कर हड़प ली गई।
➡️ पीड़ितों का दावा:
- जमीन भी गई
- पैसा भी गया
- और साझेदारी का वादा भी टूट गया
धमकी और पिस्टल दिखाकर डराने का आरोप
जब पीड़ितों ने अपना हक मांगा, तो आरोप है कि अनूप अग्रवाल और उसके पुत्र अमोल अग्रवाल ने खुलेआम धमकी दी—
“हमने तुम्हारी जमीन और पैसा हड़प लिया है, तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।”
पीड़ितों का आरोप है कि इस दौरान पिस्टल तानकर गाली-गलौज की गई और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। किसी तरह जान बचाकर भागे पीड़ित अब तक दहशत में जीवन जी रहे हैं।
पहले भी दर्ज हैं कई मुकदमे
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी अनूप अग्रवाल पर पहले भी कई मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है, जिससे उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू
इस पूरे मामले में पुलिस ने संज्ञान लेते हुए 20 अप्रैल 2026 को कोतवाली काशीपुर में मुकदमा अपराध संख्या 141/2026 दर्ज कर लिया है।
आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 504 (गाली-गलौज) और 506 (धमकी) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
कार्रवाई पर टिकी सबकी नजर
यह मामला न सिर्फ करोड़ों की धोखाधड़ी को उजागर करता है, बल्कि प्रभाव और दबंगई के दम पर कानून को चुनौती देने की तस्वीर भी पेश करता है।
अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है और क्या पीड़ितों को उनका हक मिल पाता है या नहीं।
फिलहाल पूरे मामले में आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
राजनीतिक संरक्षण के आरोप भी लगे
पीड़ित पक्ष और स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि अनूप अग्रवाल को कथित तौर पर राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा है, जिसके चलते वह हर बार कार्रवाई से बच निकलता है।
आरोप यह भी लगाए गए हैं कि प्रभाव और धनबल के दम पर वह कथित रूप से नेताओं से नजदीकी बनाकर मामलों को दबाने में सफल रहता है।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में इसको लेकर काफी चर्चा और आक्रोश बना हुआ है।



