
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस पर उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित हरिपुर कालसी में माँ यमुना का तट आस्था, संस्कृति और विकास के अनोखे संगम का साक्षी बना। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत 2100 दीपों से यमुना तट रोशन हुआ, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साधु-संतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के साथ माँ यमुना की आरती में प्रतिभाग किया। इसी अवसर पर माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण और मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा 7.52 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित भव्य स्नान घाट का लोकार्पण किया गया।
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में आस्था और विकास का अनोखा संगम
प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माँ यमुना की आरती की और श्रद्धालुओं के साथ दीप प्रज्वलित किए। उन्होंने कहा कि आज का दिन इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह आधुनिक भारत के शिल्पकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिवस है। कार्यक्रम में माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण किया गया और हरिघाट का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही माँ यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास भी किया गया, जो क्षेत्र की धार्मिक महत्ता को और बढ़ाएगा।
170 मीटर लंबे घाट से बढ़ीं सुविधाएं, श्रद्धालुओं को मिलेगा व्यवस्थित वातावरण
यमुना नदी के दाहिने किनारे विकसित यह स्नान घाट 170 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा है। करीब 7.52 करोड़ रुपये की लागत से एमडीडीए द्वारा तैयार इस परियोजना में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और तट के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। देहरादून-चकराता राष्ट्रीय राजमार्ग-507 पर देहरादून से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित हरिपुर कालसी जौनसार-भाबर का प्रमुख प्रवेश द्वार है और क्षेत्र धार्मिक व ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आसपास अशोक शिलालेख, देवस्थल मंदिर और अश्वमेघ यज्ञ स्थल जैसे महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं।
लर लाइट और सुरक्षा इंतजाम, रात में भी रहेगा तट रोशन
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा घाट पर रात में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए 25 सोलर लाइटें लगाई गई हैं। सौंदर्यीकरण के लिए प्लांटर्स और आगंतुकों के बैठने के लिए शेड के साथ 12 बेंच स्थापित की गई हैं। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय और चेंजिंग रूम का रेनोवेशन किया गया है। पेयजल के लिए वाटर स्पाउट की व्यवस्था की गई है। नदी किनारे सुरक्षा के लिए करीब 300 मीटर लंबी एसएस रेलिंग और एसएस चेन लगाई गई है, जिससे स्नान और धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण मिलेगा।
रोजाना आरती के लिए तैयार हुआ तट, पर्यटन को भी मिलेगा विस्तार
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि नए घाट के निर्माण से हरिपुर कालसी के यमुना तट को व्यवस्थित स्वरूप मिला है। स्नान, आरती, बैठने, पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा जैसी सुविधाओं के एक साथ उपलब्ध होने से श्रद्धालुओं के साथ यहां आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले इस क्षेत्र में विकसित आधारभूत ढांचा स्थानीय पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी विस्तार देने में सहायक हो सकता है।



