
देहरादून | जनपद देहरादून में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने कड़ा कदम उठाते हुए दो कुख्यात अपराधियों को छह माह के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के अंतर्गत की गई है।
जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून की आख्या और कोतवाली विकासनगर की चालानी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए अभियुक्त आसिफ पुत्र राशिद, निवासी मुस्लिम बस्ती, विकासनगर, और राहुल कश्यप पुत्र गोपाल कश्यप, निवासी जीवनगढ़, विकासनगर को 06 माह के लिए जनपद देहरादून की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया है।
आसिफ पर दर्ज हैं कई गंभीर मुकदमे
आसिफ के विरुद्ध आर्म्स एक्ट, भारतीय दंड संहिता (IPC) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में अनेक आपराधिक मामले पंजीकृत हैं। उस पर लूट, चोरी, हथियार रखने सहित कई संगीन आरोप दर्ज हैं।
राहुल कश्यप का भी लंबा आपराधिक इतिहास
राहुल कश्यप के खिलाफ शस्त्र अधिनियम, चोरी, आबकारी अधिनियम और IPC/BNS की विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, दोनों अभियुक्तों की सामान्य ख्याति समाज में खतरनाक एवं दुस्साहसी व्यक्तियों के रूप में रही है, जिससे आमजन में भय का माहौल व्याप्त था।
नोटिस के बावजूद नहीं हुए उपस्थित
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा दोनों आरोपियों को विधिवत नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए और न ही कोई आपत्ति दर्ज कराई।
उपलब्ध साक्ष्यों और आपराधिक इतिहास के आधार पर न्यायालय ने उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(3) के तहत दोनों को ‘गुंडा’ घोषित करते हुए छह माह के लिए जनपद से बाहर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बिना सक्षम अनुमति जनपद में प्रवेश न करने और अपने निवास की सूचना संबंधित न्यायालय एवं थाना को देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आदेश का उल्लंघन करने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



