उत्तराखंड

हरिद्वार में गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना का विरोध तेज, किसानों ने उपजाऊ जमीन बचाने की उठाई मांग

Listen to this article

हरिद्वार: मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस-वे को हरिद्वार से जोड़ने की प्रस्तावित योजना को लेकर हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों में विरोध शुरू हो गया है। जमालपुर कलां, सराय, बहादुरपुर जट, गाडोवाली, किशनपुर, कटारपुर, फेरुपुर और रानी माजरा समेत कई गांवों के किसानों ने परियोजना के लिए उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण पर आपत्ति जताते हुए सरकार से वैकल्पिक मार्ग तय करने की मांग की है।

 

किसानों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनकी सिंचित और उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण हजारों लोगों की आजीविका पर सीधा असर डालेगा। उनका कहना है कि यदि खेती की जमीन चली गई तो भविष्य में कई किसान परिवार भूमिहीन हो जाएंगे और उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी।

 

ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि गंगा एक्सप्रेस-वे का विस्तार गंगा नदी के किनारे-किनारे किया जाए। उनका मानना है कि इससे एक ओर गंगा तटीय क्षेत्रों का विकास होगा, वहीं दूसरी ओर जंगलों से आबादी की ओर आने वाले हाथियों और अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही भी कम की जा सकेगी। किसानों का यह भी कहना है कि गंगा किनारे बेहतर सड़क बनने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और आपदा प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।

 

किसानों ने सरकार से यह भी मांग की है कि यदि किसी कारणवश भूमि अधिग्रहण किया जाता है तो प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, रोजगार और बाजार दर के अनुरूप उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सड़क निर्माण के दौरान खेतों की सिंचाई और जल निकासी व्यवस्था को प्रभावित न होने देने के लिए प्रभावी योजना बनाई जाए।

 

हाल ही में जमालपुर कलां में आयोजित किसानों की बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा और परियोजना के लिए वैकल्पिक मार्ग पर विचार करने की मांग सरकार तक पहुंचाई जाएगी।

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!