वोटर लिस्ट पर घमासान: SIR के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, फर्जी आपत्तियों का आरोप

मसूरी/विकासनगर। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मसूरी और विकासनगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची में दर्ज पात्र मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां लगाए जाने का मुद्दा उठाते हुए प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि फर्जी आपत्तियों के जरिए वर्षों से क्षेत्र में रह रहे पात्र मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है।
मसूरी में शहर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आपत्तियों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कई ऐसे लोगों के नामों पर भी आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जो दशकों से मसूरी में रह रहे हैं और लंबे समय से मतदाता सूची में दर्ज हैं।
कांग्रेस ने मांग की कि किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति को सुनवाई के दौरान स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य किया जाए। केवल शिकायत या आपत्ति के आधार पर किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाए, बल्कि संबंधित व्यक्ति के निवास और मतदाता होने के दावे की ठोस दस्तावेजों के आधार पर जांच की जाए।
इसके साथ ही कांग्रेस ने आपत्तियों का पूरा विवरण बीएलए-2 को उपलब्ध कराने और बीएलओ तथा संबंधित स्थानीय सभासद से मतदाता के मसूरी में निवास की पुष्टि कराने की मांग की।
स्थानीय निवासी इदरीश अहमद ने कहा कि वर्षों से मसूरी में रहने वाले लोगों के नामों पर अचानक आपत्ति दर्ज होना गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से हर आपत्ति की जमीनी स्तर पर जांच कराने की मांग की। दानिश खान ने कहा कि गलत तरीके से किसी मतदाता का नाम हटाना उसके लोकतांत्रिक अधिकार का हनन होगा। शाहजेब अहमद ने भी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने की मांग की।
वहीं, विकासनगर में भी SIR को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया। पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नवप्रभात के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता तहसील परिसर पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए घेराव किया।
प्रदर्शन के बाद ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और फर्जी आपत्तियों के जरिए वैध मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी पात्र नागरिक के मताधिकार से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से SIR प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक आपत्ति की गंभीरता से जांच करने और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग की।


