होटल में नाबालिग से दुष्कर्म के बाद एक और कार्रवाई, MDDA ने होटल किया सील

ऋषिकेश: रेलवे रोड स्थित एक होटल में कथित अनधिकृत निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने यह कार्रवाई संयुक्त सचिव के आदेश पर 5 सितंबर 2026 को की। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान एई अभिषेक भारद्वाज, जेई पूनम सकलानी और जेई जयदीप राणा समेत संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
बताया गया है कि इसी होटल में 29 अगस्त 2026 को एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। मामले में 30 अगस्त को पीड़िता के पिता ने कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर दी थी, जिसके आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
ऋषिकेश पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 31 अगस्त को मुजफ्फरनगर निवासी 21 वर्षीय सोफियान को हरिद्वार के सिंहद्वार फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान होटल प्रबंधन की भूमिका भी सामने आई। आरोप है कि नाबालिग को बिना वैध पहचान पत्र और बिना उचित वेरिफिकेशन के होटल में प्रवेश दिया गया था।
पुलिस के अनुसार, घटना की जानकारी होने के बावजूद होटल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना नहीं दी। जांच में यह आरोप भी सामने आया कि नाबालिग को बाहर ले जाने के दौरान होटल के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे। आरोपी के मोबाइल फोन से पीड़िता के फोटो और वीडियो मिलने की बात भी पुलिस ने कही थी। इन आरोपों के आधार पर होटल मैनेजर वैभव गुप्ता और संचालक राहुल अग्रवाल को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस की जांच के मुताबिक, 29 अगस्त को 16 वर्षीय नाबालिग को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर होटल ले जाया गया था, जहां उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। घटना के बाद तबीयत बिगड़ने पर पीड़िता को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था।
मामले में BNS और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। वहीं, होटल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए सराय एक्ट के तहत उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को रिपोर्ट भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। इसी क्रम में अब MDDA ने होटल में कथित अनधिकृत निर्माण को लेकर सीलिंग की कार्रवाई की है।
बताया गया है कि होटल का नक्शा आरोपी राहुल अग्रवाल के पिता के नाम पर स्वीकृत हुआ था। प्रशासन की सीलिंग कार्रवाई के बाद अब होटल के संचालन और भवन से जुड़े अन्य पहलुओं पर संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।



