हेलीकॉप्टर हादसे के बाद बड़ा फैसला, ट्रांस भारत एविएशन की सभी उड़ानों पर रोक

देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को बड़ा हेलीकॉप्टर हादसा हो गया। ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर बदरीनाथ धाम से यात्रियों को लेकर देहरादून के सहस्रधारा आ रहा था। इसी दौरान ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) घाटी के पास हेलीकॉप्टर का संपर्क अचानक टूट गया। बाद में तलाशी अभियान के दौरान हेलीकॉप्टर का मलबा पहाड़ी पर मिला। हादसे में पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई।
बदरीनाथ से उड़ान भरने के बाद टूटा संपर्क
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर ने दोपहर करीब 1:14 बजे बदरीनाथ धाम से उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान जोशीमठ के पास हाथी पहाड़ के पीछे चाई गांव के नजदीक हेलीकॉप्टर से संपर्क टूट गया। इसके साथ ही उसका लाइव लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम भी काम करना बंद कर गया।
घटना की सूचना मिलते ही भारतीय सेना, चमोली जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें मौके के लिए रवाना की गईं। लापता हेलीकॉप्टर की तलाश के लिए दो अन्य हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए। काफी खोजबीन के बाद पहाड़ी पर हेलीकॉप्टर का मलबा मिला। रेस्क्यू अभियान के दौरान उसमें सवार सभी छह लोगों के शव बरामद किए गए।
हादसे में इन छह लोगों की गई जान
हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान इस प्रकार हुई है—
1. कैप्टन हिमांशु सभरवाल (48 वर्ष), निवासी दिल्ली
2. प्रताप (41 वर्ष), निवासी कर्नाटक
3. अरुण सालुंके (44 वर्ष), निवासी कर्नाटक
4. वीबी शंकर गौड़ा (39 वर्ष), निवासी कर्नाटक
5. सुधीर के. (50 वर्ष), निवासी कर्नाटक
6. एचएस नटराजा (51 वर्ष), निवासी कर्नाटक
मृतकों में कर्नाटक के एक इंस्पेक्टर भी शामिल बताए गए हैं। उनके शव को सड़क मार्ग से लाए जाने की जानकारी दी गई है।
ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक
हादसे के बाद एहतियातन ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक लगा दी गई है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के सीईओ प्रतीक जैन ने बताया कि बदरीनाथ धाम से सहस्रधारा हेलीपोर्ट के लिए चार्टर्ड हेलीकॉप्टर ने दोपहर करीब 1:14 बजे उड़ान भरी थी। प्राधिकरण की ओर से प्रत्येक हेलीकॉप्टर की लाइव लोकेशन ट्रैक की जाती है।
उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर के जोशीमठ घाटी पार करते समय उसकी लाइव लोकेशन ट्रैकिंग अचानक गायब हो गई। इसके बाद हेलीकॉप्टर से संपर्क नहीं हो पाया। उसमें एक पायलट और पांच यात्री सवार थे। सूचना मिलने पर चमोली जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और सेना की टीम को रेस्क्यू के लिए भेजा गया।
मौसम की स्थिति को देखते हुए दी गई थी उड़ान की अनुमति
प्रतीक जैन के अनुसार, हेलीकॉप्टर की लोकेशन गायब होने के बाद स्थानीय लोगों और चमोली जिला प्रशासन से भी जानकारी जुटाई गई। इसके बाद तलाशी और बचाव अभियान शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि मौसम की स्थिति को देखते हुए ही हेलीकॉप्टर संचालन की अनुमति दी गई थी। हालांकि, पूरे मामले की विस्तृत जानकारी जांच और तथ्यों के सामने आने के बाद साझा की जाएगी।



