
देहरादून
राज्यधानी देहरादून से दुखद खबर सामने आई है। भाजपा युवा मोर्चा के कर्मठ कार्यकर्ता और समाजसेवी जितेंद्र बिष्ट का सड़क हादसे में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि करवा चौथ के अगले ही दिन वह अपने घर लौट रहे थे, तभी एक तेज़ रफ्तार वाहन ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही उनकी हालत गंभीर हो गई और बाद में अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
जितेंद्र बिष्ट अपने मिलनसार स्वभाव और सामाजिक कार्यों के लिए युवाओं में काफी लोकप्रिय थे। वे लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए थे और युवाओं के हित में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। 2018 में उन्होंने राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री के समक्ष छात्रसंघ चुनावों में पारदर्शिता की मांग उठाकर युवाओं की आवाज बुलंद की थी।
उनके असामयिक निधन से परिवार, रिश्तेदारों और भाजपा संगठन में शोक की लहर है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं क्षेत्र के लोगों ने उन्हें एक सच्चा और मददगार साथी बताया है।
पार्टी के नेताओं ने कहा कि “जितेंद्र हमेशा संगठन के लिए समर्पित रहे। उनका जाना भाजपा युवा मोर्चा के लिए अपूरणीय क्षति है।”
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि हादसे के लिए ज़िम्मेदार वाहन चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
वर्ष 2018 में राज्य के डीएवी पीजी कालेज में हुए छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी जितेंद्र बिष्ट को सौंपी।
उनको टिकट मिलते ही एबीवीपी के करनपुर स्थित राज्य कार्यालय में युवाओं का जमघट लग गया। यता किट ने एनएसयूआइ से जिल्याक्ष पद के दावेदार आदित्य बिष्ट को सात सौ से अधिक वोटों से हरा दिया। जितेंद्र बिष्टं सालभर युवाओं की समस्याओं को लेकर मुखर रहते थे। जितेंद्र बिष्ट की शादी चार साल पहले हुए थी। उनका अभी तीन साल का एक बेटा है, जितेंद्र का पैतृक मकान पौड़ी हैं और वर्तमान में चंद्रबनी में अपना घर हैं। जितेंद्र बिष्ट ने कुछ समय पहले जीएमएस रोड पर कार्यालय खोला था। शनिवार शाम को वह दोस्तों के साथ बातचीत कर रहे थे कि एक कार चालक ने उन्हें रौंद दिया। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जितेंद्र बिष्ट इस समय भाजयुमो महानगर महामंत्री के पद पर थे।
अभाविप में निस्वार्थ सेवा करने वाले जितेंद्र बिष्ट से भाजयुमो को भी बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन अकाल मौत ने भाजयुमो और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को झकझोर कर रख दिया है। उनकी मौत पर एनएसयूआइ के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी, भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष विपुल मैंदोली, पारस आदि ने गहरा दुख व्यक्त किया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि:
• जितेंद्र बिष्ट लंबे समय से भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े हुए थे।
• वे युवाओं के बीच अपनी सक्रियता, मेहनत और संगठन के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे।
2. सामाजिक छवि:
• वे समाज में भी काफी लोकप्रिय और मिलनसार व्यक्ति थे।
• जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे।
3. राजनीतिक सक्रियता:
• वर्ष 2018 में, जब राज्य के कैबिनेट मंत्री छात्रों के साथ संवाद कर रहे थे, उस दौरान जितेंद्र बिष्ट ने छात्रसंघ चुनाव को लेकर सुझाव दिए थे और युवाओं की समस्याओं को मजबूती से उठाया था।
• उनका नाम छात्र राजनीति से लेकर भाजयुमो तक सक्रियता के लिए जाना जाता था।



