नैनीताल वन विभाग के कार्यालय में आग, कई अहम रिकॉर्ड और दस्तावेज आग की चपेट में

हल्द्वानी। नैनीताल स्थित डीएफओ कार्यालय में गुरुवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक आग लगने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। कार्यालय से धुआं उठता देख सफाई कर्मचारी ने अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। आग की चपेट में आने से अकाउंट, भूमि हस्तांतरण और स्टैब्लिशमेंट से जुड़े कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और फाइलें जल गईं।
जानकारी के अनुसार, सुबह कार्यालय की सफाई के दौरान कर्मचारी ने अंदर से धुआं उठता देखा। कार्यालय में आग लगी होने की जानकारी मिलते ही उसने तत्काल विभागीय अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया।
आग तेजी से फैलने के कारण कार्यालय में रखी कई फाइलें और दस्तावेज इसकी चपेट में आ गए। इनमें अकाउंट, भूमि हस्तांतरण और स्टैब्लिशमेंट से संबंधित रिकॉर्ड शामिल बताए जा रहे हैं। आग पर काबू पाने के बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और जले व क्षतिग्रस्त रिकॉर्ड का आकलन शुरू कर दिया।
डीएफओ आकाश गंगवार के मुताबिक, प्रथम दृष्टया आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि आग के वास्तविक कारण और इससे हुए नुकसान की स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
वन विभाग की ओर से यह भी पता लगाया जा रहा है कि कार्यालय में कितनी फाइलें और दस्तावेज पूरी तरह जल गए हैं और कितने रिकॉर्ड आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। फिलहाल विभाग नुकसान का विस्तृत आकलन करने में जुटा है।
राहत की बात यह है कि आग से प्रभावित अधिकांश रिकॉर्ड नैनीताल और देहरादून स्थित वन विभाग के कार्यालयों में ऑनलाइन उपलब्ध हैं। ऐसे में जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड दोबारा हासिल करने में विभाग को मदद मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल दमकल विभाग और वन विभाग के अधिकारी आग लगने के कारणों और नुकसान की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आग की घटना और प्रभावित रिकॉर्ड की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।



