
हरिद्वार।
देश की नई न्याय व्यवस्था को लेकर आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित “न्याय संहिता” राज्यस्तरीय प्रदर्शनी इन दिनों हरिद्वार के बैरागी कैंप में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रदर्शनी का आयोजन केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की परिकल्पना और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देशन में उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा किया जा रहा है।

प्रदर्शनी का उद्देश्य देश की न्याय व्यवस्था में हुए महत्वपूर्ण सुधारों, तकनीकी नवाचारों और नागरिक अधिकारों से जुड़े प्रावधानों की जानकारी आम जनता तक पहुँचाना है। प्रदर्शनी के तीसरे दिन सोमवार को हरिद्वार के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में इसमें भाग लिया।
इस दौरान कोर यूनिवर्सिटी हरिद्वार, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, पुलिस मॉडर्न स्कूल (40वीं बटालियन) और कन्या इंटर कॉलेज सडौली के विद्यार्थी और लॉ फैकल्टी प्रदर्शनी में शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों और विधि विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को नई न्याय संहिताओं के प्रावधानों को सरल और रोचक तरीके से समझाया।

प्रदर्शनी में जनजागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटकों का भी विशेष आयोजन किया जा रहा है। इन नाटकों के माध्यम से न्याय संहिता के प्रमुख प्रावधानों, पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली और तकनीकी सुधारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून-व्यवस्था) सुनील कुमार मीणा ने प्रदर्शनी स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। हरिद्वार जनपद के विभिन्न थानों से आए विवेचकों (आईओ) ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन कर नई न्याय संहिताओं के प्रावधानों को समझा।
इसके अलावा एसडीआरएफ और पीएसी के जवानों के साथ-साथ मीडिया प्रतिनिधियों और आपदा मित्रों ने भी प्रदर्शनी में पहुंचकर जानकारी प्राप्त की।
यह प्रदर्शनी युवाओं और विद्यार्थियों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। उत्तराखण्ड पुलिस का उद्देश्य है कि इस पहल के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक न्याय संहिताओं की जानकारी पहुँचाई जाए और पारदर्शी व तकनीक-सक्षम न्याय व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास मजबूत किया जाए।
बैरागी कैंप में आयोजित यह “न्याय संहिता” प्रदर्शनी 11 मार्च 2026 तक चलेगी। आयोजकों ने आमजन से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर नई न्याय संहिताओं की जानकारी प्राप्त करें।



