महंगाई की मार से बिगड़ा रसोई का बजट, 12 दिन में चीनी 22 रुपये महंगी; आटा और तेल के दाम भी बढ़े

देहरादून। महंगाई ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। चीनी, आटा, सरसों तेल और रिफाइंड के दामों में बढ़ोतरी से घरेलू खर्च बढ़ गया है। सबसे ज्यादा तेजी चीनी के दामों में देखने को मिली है। फुटकर बाजार में महज 12 दिन के भीतर चीनी के दाम 48 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
करीब 12 दिन पहले तक फुटकर दुकानों पर चीनी 48 रुपये किलो बिक रही थी। इसके बाद दाम बढ़कर 55 रुपये हुए और अब ग्राहकों को यही चीनी 70 रुपये किलो तक खरीदनी पड़ रही है। यानी आधे माह से भी कम समय में चीनी के दाम में 22 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हो गई है।
गुड़ के दाम भी बढ़ गए हैं। 12 दिन पहले 50 रुपये किलो बिकने वाला गुड़ अब 70 रुपये किलो तक पहुंच गया है। वहीं मिश्री के दाम 55 रुपये से बढ़कर 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक हो गए हैं।
आटा भी महंगाई से अछूता नहीं है। आढ़त बाजार के थोक व्यापारी विनोद कुमार गोयल के अनुसार, पिछले 15 दिनों में चक्की और ब्रांडेड आटे के दामों में बढ़ोतरी हुई है। चक्की आटे का 10 किलो का पैक, जो 15 दिन पहले थोक में 285 रुपये का मिल रहा था, अब 315 रुपये का हो गया है। चक्की आटा थोक में 335 रुपये तक उपलब्ध है, जबकि फुटकर बाजार में इसकी कीमत 42 से 44 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। ब्रांडेड आटे के दाम भी करीब 10 से 15 प्रतिशत बढ़े हैं।
खाद्य तेलों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। सरसों के 15 लीटर के कोल्हू टीन के थोक दाम में 300 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसकी कीमत 2200 रुपये से बढ़कर 2500 रुपये हो गई है। थोक बाजार में सरसों तेल का टीन 2700 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि फुटकर में सरसों तेल 190 से 200 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है।
इसी तरह 15 लीटर रिफाइंड के टीन पर भी 270 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। जो रिफाइंड पहले थोक में 1930 रुपये में मिल रहा था, अब उसकी कीमत 2200 रुपये हो गई है।
लगातार बढ़ रहे इन दामों का सीधा असर आम लोगों की रसोई पर पड़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी खाद्य सामग्री महंगी होने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।



