देहरादून, 22 अगस्त 2026। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न का मामला सामने आया है। इस बार आरोप एमबीबीएस छात्रों पर नहीं, बल्कि पीजी कर रहे सीनियर डॉक्टरों पर लगे हैं। एनाटॉमी विभाग के एक जूनियर पीजी डॉक्टर ने सीनियर्स पर लगातार मानसिक रूप से परेशान करने, नीचा दिखाने और डराने-धमकाने के आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) से शिकायत की है।
पीड़ित डॉक्टर के मुताबिक उसने फरवरी में दून मेडिकल कॉलेज में पीजी में दाखिला लिया था। शुरुआत में करीब एक महीने तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन मार्च से कथित तौर पर सीनियर डॉक्टरों का व्यवहार बदल गया। डॉक्टर का आरोप है कि अलग-अलग बातों को लेकर उसे नीचा दिखाया गया और कई मौकों पर एमबीबीएस छात्रों के सामने भी उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
पीड़ित ने अपनी शिकायत में कहा है कि लगातार हो रहे कथित मानसिक उत्पीड़न के कारण वह पिछले करीब छह महीने से मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है। उसका कहना है कि अब उसका पढ़ाई में भी मन नहीं लगता और उसे अपने जूनियर छात्रों के सामने जाने में भी असहजता महसूस होती है।
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में 19 अगस्त को डिसेक्शन हॉल में ड्यूटी के दौरान कॉमन ग्लास से पानी पीने को लेकर भी विवाद हुआ। जूनियर डॉक्टर का आरोप है कि इस बात को लेकर सीनियर्स ने उसे धमकाया और बाद में उसके खिलाफ विभागाध्यक्ष से शिकायत की गई।
पीड़ित का कहना है कि उसने विभाग स्तर पर भी अपनी परेशानी बताई, लेकिन उसे अपेक्षित राहत नहीं मिली। इसके बाद उसने मामले की जानकारी अपने परिवार को दी और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग में शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
प्राचार्य ने एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपी जांच
मामला NMC तक पहुंचने के बाद दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने मामले को एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपते हुए दोनों पक्षों और संबंधित शिक्षकों के बयान दर्ज कर रिपोर्ट मांगी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की बात कही गई है।
पहले भी सामने आ चुके हैं रैगिंग के मामले
दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग को लेकर पहले भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019, 2021 और 2023 में भी जूनियर छात्रों के उत्पीड़न की शिकायतें हुई थीं। जनवरी 2026 में जूनियर छात्रों के साथ मारपीट और जबरन बाल कटवाने के आरोप सामने आए थे, जबकि अप्रैल 2026 में भी जूनियर छात्रों पर बाल और दाढ़ी कटवाने का दबाव बनाने की शिकायत सामने आई थी। इन मामलों में कॉलेज प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई थी।
लगातार सामने आ रही शिकायतों ने दून मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग व्यवस्था और छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस नए मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।



