केदारनाथ यात्रा पर लगी रोक, चिरबासा में पत्थर गिरने से महिला यात्री की मौत, यात्रा रोकी गई

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में मानसून की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार को भारी बारिश के बीच केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने से महाराष्ट्र की एक महिला यात्री की मौत हो गई। हादसे के बाद यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने केदारनाथ यात्रा को दिनभर रोक दिया। इस दौरान सैकड़ों यात्री अलग-अलग स्थानों पर रोके गए।
रविवार को पुलिस ने सुबह 11 बजे के बाद सोनप्रयाग और गौरीकुंड से यात्रियों की आवाजाही रोक दी। इससे पहले चार हजार से अधिक यात्री केदारनाथ के लिए रवाना हो चुके थे, जबकि करीब 2500 यात्री केदारनाथ से वापस लौट चुके थे। पैदल मार्ग पर आवाजाही कर रहे यात्रियों को पुलिस, एसडीआरएफ, वाईएमएफ और डीडीआरएफ के जवानों की मौजूदगी में सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया गया।
दिनभर बारिश जारी रहने के कारण यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें सोनप्रयाग से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। कोतवाली प्रभारी सोनप्रयाग सुरेश चंद्र बलूनी ने बताया कि चीरबासा समेत अन्य स्थानों पर पत्थर गिरते रहे। स्थिति को देखते हुए यात्रियों की आवाजाही रोकी गई और जल्द परिस्थितियां सामान्य होने पर यात्रा शुरू कराने की बात कही गई है।
पत्थर की चपेट में आने से महिला यात्री की मौत
गौरीकुंड से केदारनाथ जा रहे महाराष्ट्र के यात्री चीरबासा के पास पहुंचे थे। इसी दौरान पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने लगे, जिसकी चपेट में एक महिला यात्री आ गई। जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम के अनुसार मृतका की पहचान 60 वर्षीय मंगल अपाराव सिंधे पत्नी अपाराव सिंधे, निवासी निम गांव, जिला सोलापुर, महाराष्ट्र के रूप में हुई है।
पौड़ी समेत छह जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
उत्तराखंड में सोमवार को मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने पौड़ी, नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और चमोली में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने आमजन से बारिश के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
बदरीनाथ-हेमकुंड की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी
गढ़वाल में बारिश के बीच रविवार को बदरीनाथ और हेमकुंड की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई। बदरीनाथ धाम के नर-नारायण और नीलकंठ पर्वत बर्फ से ढक गए। इसके अलावा हेमकुंड साहिब की पहाड़ियों, फूलों की घाटी, चिनाप वैली, सोना शिखर और वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क के कुंठखाल व टिपरा खरक की ऊंची पहाड़ियों पर इस साल की पहली बर्फबारी हुई।



