देहरादून में शराब की दुकानों की औचक जांच, 42 बोतलों के बैच नंबर अभिलेखों से नहीं मिले

देहरादून। शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग और अन्य अनियमितताओं की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाई है। डीएम के निर्देश पर जिला प्रशासन की कई मजिस्ट्रेट टीमों ने बुधवार देर रात शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में शराब की दुकानों पर औचक छापेमारी की। इस दौरान निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेचने, स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं होने, अनाधिकृत सेल्समैन और रेट लिस्ट चस्पा नहीं होने समेत कई अनियमितताएं सामने आईं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद और हर्षिता सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह और एसडीएम मुख्यालय रविंद्र ज्वांठा के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों ने शराब की दुकानों की जांच की। टीमों के साथ संबंधित क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक भी मौजूद रहे।
सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर की टीम ने माजरा, पटेलनगर और आसपास के क्षेत्रों में दुकानों का निरीक्षण किया। आईएसबीटी स्थित शराब की दुकान पर ओवररेटिंग की शिकायत सही पाई गई। जांच के दौरान दुकान पर रखी 42 शराब की बोतलों के बैच नंबर उपलब्ध अभिलेखों से मेल नहीं खाए। इसके अलावा दुकान पर अनाधिकृत सेल्समैन भी मिले और निर्धारित रेट लिस्ट चस्पा नहीं थी।
एसडीएम मुख्यालय की टीम ने प्रेमनगर क्षेत्र में शराब की दुकानों का निरीक्षण किया। यहां एक दुकान का स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं मिला। जांच के दौरान दुकान पर अनाधिकृत सेल्समैन भी पाए गए।
वहीं, जाखन और राजपुर रोड क्षेत्र में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की टीम ने कई दुकानों की जांच की। यहां स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं होने, रेट लिस्ट और आबकारी विभाग का शिकायत नंबर प्रदर्शित नहीं होने तथा अनाधिकृत सेल्समैन मिलने जैसी अनियमितताएं सामने आईं।
जांच के दौरान प्रशासन की टीमों ने स्टॉक, बिक्री अभिलेख, बैच नंबर, निर्धारित बिक्री दर, रेट लिस्ट, सेल्समैन की वैधता और शिकायत नंबर समेत विभिन्न बिंदुओं की जांच की। कुछ दुकानों पर ओवररेटिंग के मामले भी सामने आए।
जिलाधिकारी आशीष चौहान ने कहा कि शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री, अनाधिकृत व्यक्तियों से बिक्री और अभिलेखों में अनियमितता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने और अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ओवररेटिंग और अन्य अनियमितताओं की शिकायतों को लेकर आगे भी आकस्मिक चेकिंग अभियान जारी रहेगा।



