कांवड़ यात्रा से पहले स्वास्थ्य विभाग तैयार, डॉक्टरों और एंबुलेंस की रहेगी 24 घंटे तैनाती

हरिद्वार: आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुचारू और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर यात्रा मार्ग पर व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में कांवड़ियों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कांवड़ यात्रा मार्ग के प्रमुख स्थलों और चिन्हित चेक पोस्टों पर विशेष स्वास्थ्य निगरानी की व्यवस्था की है। इन सभी स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार तैनात रहेंगी और श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं पर नजर रखेंगी।
30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक मेडिकल रिलीफ पोस्ट पर फिजिशियन, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय की तैनाती रहेगी, ताकि किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल उपचार और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके।
इसके अलावा यात्रा मार्ग पर आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार सामग्री और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था भी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों और चिकित्सा कर्मियों को पूरी यात्रा अवधि के दौरान मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) देहरादून डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थलों, श्यामपुर चौकी और आईडीपीएल में स्थापित मेडिकल रिलीफ पोस्ट 24 घंटे संचालित रहेंगी, जहां रोस्टर के अनुसार शिफ्टवार डॉक्टरों की तैनाती रहेगी।
उन्होंने बताया कि बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एंबुलेंस सेवाएं उपलब्ध रहेंगी, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।



