चारधाम यात्रा 2026: प्रशासन अलर्ट मोड में, आज मलेथा से कीर्तिनगर तक मॉक ड्रिल

टिहरी गढ़वाल। आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के निर्देश पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। तैयारियों की वास्तविक स्थिति परखने के लिए आज शुक्रवार को मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
जिला नौ जोन और 23 सेक्टरों में विभाजित
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से जिले को नौ जोन और 23 सेक्टरों में बांटा गया है। जीआईएस मैपिंग के माध्यम से संसाधनों का सटीक आकलन किया गया है, जिससे आपदा के समय त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) के तहत सेक्टर स्तर तक अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। प्रशासन ने “जीरो लॉस ऑफ लाइफ” का लक्ष्य निर्धारित करते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
कीर्तिनगर में व्यवस्थाओं की समीक्षा
कीर्तिनगर में उपजिलाधिकारी मंजू राजपूत ने विकासखंड के सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा प्रारंभ होने में अब कम समय शेष है, ऐसे में सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि टिहरी गढ़वाल जनपद चारधाम यात्रा का प्रमुख प्रवेश द्वार है, इसलिए यहां की व्यवस्थाओं का दुरुस्त होना अत्यंत आवश्यक है।
विभागों को दिए गए निर्देश
राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को सड़कों के गड्ढे शीघ्र भरने के निर्देश
जल संस्थान एवं पेयजल निगम को यात्रा मार्ग पर पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश
स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा सेवाएं सुदृढ़ रखने के निर्देश
आज होगी मॉक ड्रिल
प्रशासनिक तैयारियों को परखने के लिए आज मलेथा मुख्य चौराहे से नया पुल होते हुए कीर्तिनगर तक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास में सभी विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
प्रशासन का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं।



