
रानी रंजिश के चलते शनिवार को सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला के पूर्व प्रधान इस्पाक के भतीजे और अन्य लोगों ने मिलकर विनोद उसके भाई अशोक व राजेश पर हथियारों से हमला कर दिया। इसमें तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हरबर्टपुर स्थित अस्पताल में विनोद (45 वर्ष) ने दम तोड़ दिया। वह भाजपा के युवा मोर्चा का नेता बताया जा रहा है और पूर्व में बीडीसी का चुनाव भी लड़ चुका है। एक पक्ष हिंदू और दूसरा मुस्लिम होने के कारण विवाद ने सांप्रदायिक रंग ले लिया।
गांव में बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठन एकत्र हो गये। उन्होंने धर्मस्थल और आरोपियों के मकान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। साथ ही कार्यकर्ताओं का एक दल दून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरने पर बैठ गया।
अस्पताल में उपचार के दौरान विनोद की मौत
आरोप है कि इम्तियाज और उसके साथियों ने विनोद, अशोक और राजेश पर भारी और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। रज्जाक ने विनोद के सिर पर हथौड़े से तीन वार किए। अन्य दोनों भाइयों को भी जमकर पीटा। घायल अवस्था में तीनों भाइयों को हरबर्टपुर स्थित लेहमन अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान विनोद की मौत हो गई।
सूचना पर बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और कुछ संत गांव में पहुंच गए। गांव में पहले से ही हिंदू समाज के लोगों की भीड़ जमा थी। आक्रोशित लोगों ने भी हाथों में लाठी डंडे उठा लिए। सूचना पर सहसपुर, विकासनगर, सेलाकुई और कालसी का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। कार्यकर्ता उग्र होकर मस्जिद की ओर बढ़ गए। कार्यकर्ताओं ने मस्जिद को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। इस दौरान मस्जिद के आसपास से कार्यकर्ताओं पर कांच की बोतल और पत्थर फेंके गए।
इसमें पुलिसकर्मी और कार्यकर्ता बाल-बाल बचे। उसके बाद भीड़ आरोपी के मकान तक जाने लगी। कुछ संत भी गांव के भीतर जाने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उन्हें काबू किया। कुछ कार्यकर्ता दून-पांवटा राजमार्ग की ओर बढ़े। वह राजमार्ग पर बैठ गए और वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध हो गई।
कार्यकर्ताओं का दूसरा दल आरोपी के मकान तक जाने का प्रयास कर रहा है। अस्पताल में भर्ती दोनों घायलों की हालत भी गंभीर बनी हुई है। एसपी देहात पंकज गैरोला मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं। गांव में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी हुई है। वहीं आसपास के थानों और पीएसी बल को तैनात किया गया है। उच्चाधिकारियों की ओर से भी घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।



