
उत्तराखण्ड पुलिस के पुलिस महानिरीक्षक (रेलवेज) मुख़्तार मोहसिन ने मंगलवार को जीआरपी पुलिस लाईन एवं जीआरपी मुख्यालय, हरिद्वार का निरीक्षण कर अपराध नियंत्रण एवं प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सम्मेलन आयोजित कर जीआरपी के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

सम्मेलन में बताया गया कि उत्तराखण्ड के विभिन्न रेलवे स्टेशनों से यात्रियों के मोबाइल फोन गुम होने की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इस पर आईजी रेलवेज के निर्देश पर जीआरपी ने “एक इकाई” के रूप में कार्य करते हुए विशेष अभियान चलाया।
जीआरपी एसओजी टीम एवं सभी थानों द्वारा सर्विलांस, C.E.I.R. पोर्टल एवं मैन्युअल कार्रवाई के माध्यम से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा सहित देश के विभिन्न राज्यों से कुल 200 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 36 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है।
बरामद मोबाइल फोन गोष्ठी के दौरान उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए, जिससे यात्रियों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। मोबाइल वितरण कार्यक्रम के बाद जीआरपी में नियुक्त दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त निर्देश
सम्मेलन के उपरान्त आईजी रेलवेज ने थानावार अपराध समीक्षा करते हुए यात्रियों की सुरक्षा, महिला यात्रियों की सुरक्षा, लंबित अभियोगों के शीघ्र निस्तारण, चोरी-लूट-चेन स्नैचिंग व जहरखुरानी जैसी घटनाओं के त्वरित खुलासे, ट्रेनों में एस्कॉर्ट ड्यूटी, मानव तस्करी की रोकथाम, त्यौहारों के मद्देनजर BDS एवं श्वान दल से सघन चेकिंग सहित कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए।
इसके साथ ही शराब पीकर यात्रा करने वालों पर सख्त कार्रवाई, अज्ञात रन-ओवर मामलों में शिनाख्त के प्रयास, पोर्टलों के नियमित अपडेट, पुलिस एप्स व हेल्पलाइन नंबरों के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा जीआरपी कर्मियों को आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
पुलिस महानिरीक्षक रेलवेज मुख़्तार मोहसिन ने स्पष्ट कहा कि “यात्रियों की सुरक्षा, उनकी संपत्ति की बरामदगी और रेलवे परिसरों में अपराध नियंत्रण जीआरपी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी इकाइयों को आपसी समन्वय के साथ और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।”
इस गोष्ठी में अरुणा भारती (एसपी रेलवेज), जितेंद्र मेहरा (एसपी क्राइम हरिद्वार), अभय सिंह (एसपी नगर, हरिद्वार), दिनेश कुमार (स्टेशन अधीक्षक, रेलवे स्टेशन हरिद्वार) सहित समस्त प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।



