कांवड़ यात्रा के चलते लंबा होगा सफर, बस का किराया बढ़कर 100 रुपये तक पहुंचने के आसार

देहरादून: कांवड़ मेले के कारण 30 जुलाई से 12 अगस्त तक हल्द्वानी से दिल्ली, हरिद्वार और देहरादून जाने वाले यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। सुरक्षा कारणों से रोडवेज बसों के रूट डायवर्ट किए जाएंगे, जिससे दूरी के साथ किराया भी बढ़ जाएगा।
काठगोदाम डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक गणेश पंत ने बताया कि डायवर्जन प्लान के तहत दिल्ली जाने वाली बसें हापुड़-बुलंदशहर मार्ग से चलेंगी। हरिद्वार और देहरादून रूट की बसों को मुजफ्फरनगर और बिजनौर के रास्ते भेजा जाएगा। नए रूट का आधिकारिक नक्शा जल्द जारी होगा।
रूट बदलने से हर बस को 50 से 80 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। इसके चलते परिचालन लागत बढ़ेगी और यात्रियों को 80 से 100 रुपये तक अतिरिक्त किराया देना पड़ सकता है। यात्रा में डेढ़ से दो घंटे का समय भी ज्यादा लगेगा।
रोज 64 बसों पर पड़ेगा असर
हल्द्वानी और काठगोदाम डिपो से रोजाना दिल्ली और देहरादून के लिए 64 बसें चलती हैं। काठगोदाम से दिल्ली के लिए 26 और देहरादून के लिए 6 बसें संचालित हैं। हल्द्वानी डिपो से दिल्ली के लिए 24 और देहरादून के लिए 8 बसें चलती हैं।
विभाग ने कहा है कि यात्रियों को दिक्कत न हो इसके लिए अतिरिक्त चालकों की व्यवस्था की जा रही है और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा।
देहरादून में कांवड़ वाहनों पर पाबंदी
कांवड़ मेले के दौरान देहरादून शहर को जाम से बचाने के लिए पुलिस ने खास ट्रैफिक प्लान बनाया है। एसपी ट्रैफिक जितेंद्र चौधरी के अनुसार दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे और दून-पांवटा हाईवे से आने वाले कांवड़ वाहनों को शहर में एंट्री नहीं मिलेगी।
दिल्ली से आने वाले वाहनों को एंट्री प्वाइंट पर ही एक्सप्रेस-वे में जाने से रोका जाएगा। पांवटा साहिब की तरफ से आने वाले वाहनों को हिमाचल सीमा पर सहारनपुर मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा। वहां से ये वाहन सहारनपुर होते हुए सीधे हरिद्वार पहुंचेंगे।
हर साल श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के समय हरिद्वार और दिल्ली हाईवे पर भारी वाहनों का प्रवेश बंद किया जाता है। इसी वजह से आम बसों को भी वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाता है।



