कांवड़ यात्रा 2026: श्रीमहंत रविंद्रपुरी की शिवभक्तों से अपील, भोजन से पहले QR कोड स्कैन कर करें संचालक की जानकारी की जांच

हरिद्वार: 30 जुलाई से शुरू हो रहे कांवड़ मेले को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने शिवभक्त कांवड़ियों से यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि किसी भी होटल, ढाबे या दुकान पर भोजन अथवा पेय पदार्थ ग्रहण करने से पहले वहां उपलब्ध QR कोड स्कैन कर संचालक की जानकारी अवश्य जांच लें, ताकि बाद में किसी प्रकार का विवाद या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा का प्रतीक है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत और सात्विक जीवनशैली का पालन करते हैं। ऐसे में भोजन और पेय पदार्थ ग्रहण करते समय सावधानी बरतना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रतिष्ठान पर QR कोड उपलब्ध है तो उसे स्कैन कर खाते से जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है। साथ ही दुकान पर लगे बैनर, धार्मिक प्रतीकों और अन्य उपलब्ध सूचनाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूर्व में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोगों ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर दुकानें संचालित कीं। बाद में पहचान सामने आने पर विवाद की स्थिति बनी। ऐसे घटनाक्रमों से बचने के लिए श्रद्धालुओं को पहले ही आवश्यक जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए, ताकि वे अपनी संतुष्टि के अनुसार यह निर्णय ले सकें कि उन्हें संबंधित प्रतिष्ठान से भोजन करना है या नहीं।
श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि कांवड़ यात्रा सात्विक और शुद्ध आस्था की यात्रा है। इसलिए यात्रा की पवित्रता बनी रहे और किसी भी श्रद्धालु की धार्मिक भावनाएं आहत न हों, इसके लिए सभी को जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने शिवभक्तों से अफवाहों और उकसावे से दूर रहने तथा पूरी यात्रा के दौरान संयम, अनुशासन और शांति बनाए रखने की भी अपील की।
इस वर्ष कांवड़ मेले में करीब पांच करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। देशभर से कांवड़िए हरिद्वार, ऋषिकेश, गंगोत्री और अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लेने पहुंचेंगे। इसे देखते हुए प्रशासन सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।
कांवड़ मेले की तैयारियों की समीक्षा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्धन तक कर चुके हैं। वहीं, डीजी लॉ एंड ऑर्डर वी. मुरुगेशन ने मेले में तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। साधु-संत भी श्रद्धालुओं से प्रशासन के नियमों का पालन करने और शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा संपन्न करने की अपील कर रहे हैं।



