KuwaitPowerStationIranAttack : कुवैत में एक पावर स्टेशन पर ईरान के हमले में एक भारतीय की मौत
The United States has issued a 10-day ultimatum to Iran regarding the opening of the Strait of Hormuz.
KuwaitPowerStationIranAttack : कुवैत में एक पावर स्टेशन पर ईरान के हमले में एक भारतीय की मौत :- अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध का आज 31वां दिन है. एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है. इजराइल का ईरान और लेबनान में हमले जारी है. वहीं ईरान की ओर से इजराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है।
अमेरिका ने ईरान को होर्मुज समुद्री मार्ग खोलने को लेकर 10 दिनों का अल्टीमेट दिया है. इस बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में भारी संख्या में सेना को तैनात किया है।
ईरान के नेताओं का कहना है कि अमेरिका जमीनी लड़ाई कर किसी खार्द द्वीप पर कब्जा करना चाहता है. एक महीने से अधिक समय से चले आ रहे इस युद्ध में 3,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. यह युद्ध 28 फरवरी को ईरान पर US और इजराइली हमलों से शुरू हुआ था, जिसके जवाब में ईरान ने इजराइल और पड़ोसी खाड़ी अरब देशों पर हमले किए।
शुरुआती हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए थे. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर लगी कुछ पाबंदियों में ढील दी है. ईरान की रणनीति जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद करने के बजाय उस पर दबाव बनाकर आवाजाही को सीमित करने की है।
इस बीच अमेरिकी अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि युद्ध शायद एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच रहा है, लेकिन ईरानी नेता सार्वजनिक रूप से बातचीत से इनकार करते रहे हैं. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को एक कड़ी चेतावनी जारी की।
इसमें कहा गया कि पश्चिमी एशियाई क्षेत्र में स्थित अमेरिकी और इजराइली विश्वविद्यालयों को ‘वैध लक्ष्य’ माना जा सकता है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वाशिंगटन ने ईरान में अपने ‘अधिकांश’ सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर लिया है. हालाँकि वे अपने अभियान को कुछ समय तक और जारी रखेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि तेहरान की परमाणु योजनाओं को लंबे समय के लिए पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया जाए।
इस युद्ध के कारण तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति पर संकट मंडरा गया है, उर्वरकों की कमी हो गई है और हवाई यात्रा भी बाधित हुई है. होर्मुज पर ईरान के नियंत्रण ने बाजारों और कीमतों को हिलाकर रख दिया है. यदि हूती विद्रोही लाल सागर के पास स्थित बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को फिर से निशाना बनाते हैं, तो वैश्विक जहाजरानी को और भी ज्यादा नुकसान पहुँच सकता है. इस जलडमरूमध्य से आमतौर पर दुनिया का लगभग 12फीसदी व्यापार होता है।



