
जन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाला जनता दरबार “समाधान दिवस” के रूप में आयोजित किया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्देश दिए हैं कि जनता की सभी शिकायतों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाए, ताकि उनकी नियमित मॉनिटरिंग, ट्रैकिंग और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान कुल 132 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें सबसे अधिक मामले भूमि विवादों से संबंधित रहे। इसके अलावा ऋण माफी, आर्थिक सहायता, सड़क, सार्वजनिक रास्ते और पैदल पुलिया जैसी समस्याएं भी प्रमुख रूप से सामने आईं।
भूमि विवादों की बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जनपद स्तर पर एक उच्च स्तरीय विशेष सेल गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सेल सीमांकन, कब्जा, अतिक्रमण, किरायेदार विवाद, ऋण भुगतान और अन्य राजस्व मामलों का फास्ट ट्रैक मोड में निस्तारण करेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दूरस्थ और सड़क संपर्क से वंचित गांवों में गर्भवती महिलाओं का डेटा तैयार कर नियमित निगरानी करने को कहा गया। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को प्रसव से पहले सुरक्षित अस्पतालों में भर्ती कराने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए टोकन व्यवस्था लागू करने को कहा गया।
समाधान दिवस में कई संवेदनशील मामले भी सामने आए। 89 वर्षीय पूर्व सैनिक राधेश्याम ने किरायेदार द्वारा मकान खाली न करने और धमकी देने की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं बुजुर्ग भरत भूषण मित्तल ने निजी संपत्ति पर अवैध कब्जे और धमकी की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर एसडीएम सदर को तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया।
ग्राम कुंजा ग्रांट में सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण की शिकायत पर एसडीएम विकासनगर को दोनों पक्षों की सुनवाई कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं विशलाड़, अठगांव, बोंदूर, तपलाड़ और द्वारखात क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान पर पीएम फसल बीमा योजना के तहत त्वरित मुआवजा दिलाने के लिए उद्यान विभाग को जांच के निर्देश दिए गए।
डालनवाला निवासी मुस्कान ने आर्थिक तंगी के कारण अपने पुत्र की स्कूल फीस जमा न कर पाने और स्कूल द्वारा प्रमाणपत्र रोके जाने की समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एसडीएम सदर को स्कूल प्रशासन से समन्वय बनाकर समाधान कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा डोईवाला निवासी विधवा लता थपलियाल और आराघर निवासी बुजुर्ग महिला मंचल बाला ने आर्थिक सहायता की मांग रखी।
जनजातीय क्षेत्रों चकराता, क्वांसी और लाखामंडल में “खुशियों की सवारी” एंबुलेंस सेवा शुरू करने की मांग पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं देहरादून-डोईवाला-भानियावाला-जौली-थानो मार्ग पर परिवहन निगम, स्मार्ट सिटी अथवा इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने के प्रस्ताव पर भी आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम अर्पणा ढौडियाल, एसडीएम अपूर्वा सिंह, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



