अब तारों से जुड़ेगा पर्यटन, उत्तराखंड में एस्ट्रो टूरिज्म को मिल रही नई उड़ान

देहरादून: उत्तराखंड में पर्यटन के नए आयाम विकसित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) द्वारा संचालित एस्ट्रो टूर गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत युवाओं को खगोल विज्ञान और एस्ट्रो टूरिज्म से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम में पर्यटन विभाग के अधिकारी, पर्यटन विशेषज्ञ, प्रशिक्षक और प्रशिक्षु शामिल हुए।
कार्यक्रम में उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड की अतिरिक्त निदेशक पूनम चंद मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। उनके साथ गवर्नमेंट होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट रामनगर के प्राचार्य डॉ. संजय सिंह, होटल एवं पर्यटन व्यवसायी दीप गुणवंत, नेचर गाइड कुंवर सिंह और दीप मेलकानी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रामनगर, नैनीताल और काशीपुर के करीब 80 वर्तमान और पूर्व प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को खगोल विज्ञान की बुनियादी जानकारी, तारामंडल की पहचान, रात्रिकालीन आकाश अवलोकन, टेलीस्कोप संचालन और पर्यटकों को वैज्ञानिक व रोचक तरीके से जानकारी देने का प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर पूनम चंद ने कहा कि एस्ट्रो टूर गाइड ट्रेनिंग भारत में अपनी तरह की पहली पहल है और उत्तराखंड इसे संचालित करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में साफ आसमान और अनुकूल प्राकृतिक परिस्थितियां एस्ट्रो टूरिज्म के लिए बेहद उपयुक्त हैं, जिससे भविष्य में पर्यटन के नए अवसर विकसित होंगे।
उन्होंने बताया कि इस पहल से स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं पर्यटन गतिविधियों में भी विविधता आएगी। युवाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर एस्ट्रो टूरिज्म के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान भी किया गया।
गौरतलब है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत 3 अक्टूबर 2025 को देहरादून से हुई थी। तब से अब तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में 422 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। प्रशिक्षित युवा अब स्थानीय स्तर पर एस्ट्रो टूरिज्म गतिविधियों से जुड़कर नए अवसर तलाश रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कॉर्बेट लैंडस्केप, कुमाऊं और गढ़वाल के ऊंचाई वाले क्षेत्र एस्ट्रो टूरिज्म के लिए आदर्श स्थान बन सकते हैं। प्रशिक्षित गाइडों का मजबूत नेटवर्क तैयार होने से ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।



