हरिद्वार में निर्जला एकादशी का महापर्व, पुण्य स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालु

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही हर की पैड़ी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं।
प्रशासन द्वारा पूरे मेला क्षेत्र को 4 सुपर जोन, 12 जोन और 30 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, दिनभर श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने की संभावना है और शाम की गंगा आरती तक लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच सकते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। इस दिन गंगा स्नान, व्रत और दान का विशेष महत्व माना जाता है। विद्वानों के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत करने से वर्षभर की सभी 24 एकादशियों के बराबर पुण्यफल प्राप्त होता है।
पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि इस दिन गंगा स्नान के बाद जल और अन्न का दान करने से सहस्र अश्वमेध यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे हैं। श्रद्धालु गंगा स्नान के साथ-साथ दान-पुण्य कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना कर रहे हैं।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मेला क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया है और दिन के समय भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह सोमवती अमावस्या के अवसर पर हरिद्वार में करीब 75 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया था। प्रशासन को उम्मीद है कि निर्जला एकादशी पर भी लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे, जिसके मद्देनजर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।



