राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति सख्त, दान-दक्षिणा के प्रबंधन को लेकर जारी किए कड़े निर्देश

देहरादून: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड की श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) भी सतर्क हो गई है। समिति ने अपने अधीन संचालित सभी मंदिरों में दान, चढ़ावा और अन्य आय के स्रोतों के प्रबंधन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। समिति ने स्पष्ट किया है कि दान-दक्षिणा के संग्रह, सुरक्षा और लेखा-जोखा में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता या शिकायत की गुंजाइश न रहे।
दान और चढ़ावे के प्रबंधन में बरती जाएगी विशेष सतर्कता
बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह की ओर से जारी आदेश में बदरीनाथ, केदारनाथ समेत समिति के अधीन आने वाले सभी मंदिरों के अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के मुताबिक दान गिनने वाले केंद्रों, लेखा शाखा, ट्रेजरी सेक्शन, अतिथि गृह और पूजा काउंटरों पर तैनात कर्मचारियों को नकद दान, चढ़ावे और दान स्वरूप प्राप्त सामग्री के प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता बनाए रखनी होगी।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
समिति ने स्पष्ट किया है कि दान और चढ़ावे के प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद लिया गया फैसला
गौरतलब है कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गबन के मामले के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने जांच के बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। इस घटनाक्रम के बाद देशभर के प्रमुख धार्मिक संस्थानों में दान-दक्षिणा के प्रबंधन को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
बीकेटीसी के अधीन आते हैं कई प्रमुख मंदिर
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अधीन चारधाम यात्रा के प्रमुख धामों के अलावा उत्तराखंड के कई महत्वपूर्ण मंदिरों का संचालन होता है। ऐसे में समिति ने सभी मंदिरों में दान और चढ़ावे के सुरक्षित एवं पारदर्शी प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं।



