मुख्यमंत्री धामी के विजन को देहरादून में साकार कर रहे डीएम डॉ. आशीष चौहान , व्हीलचेयर पर पहुंचे… मुस्कुराते हुए लौटे दिव्यांग सुनील

देहरादून
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनहित, संवेदनशीलता और त्वरित सेवा-प्रदान की दिशा में लगातार सराहनीय कदम उठा रही है।
देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की संवेदनशील कार्यशैली और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले प्रशासनिक दृष्टिकोण का एक और प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। उनके नेतृत्व में शुरू किया गया “समाधान दिवस” अब केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि आमजन को त्वरित न्याय और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाने का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है।

समाधान दिवस में अपर नत्थनपुर निवासी दिव्यांग सुनील चन्द्र व्हीलचेयर के सहारे जिलाधिकारी के सामने पहुंचे और अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वे वर्षों से दिव्यांग होने के बावजूद न तो उनका दिव्यांग प्रमाण पत्र बन पाया और न ही किसी सरकारी योजना का लाभ मिल सका। आर्थिक तंगी और शारीरिक लाचारी के बीच उनका जीवन बेहद कठिन परिस्थितियों में गुजर रहा था।
सुनील की व्यथा सुनते ही जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके स्पष्ट निर्देश पर उसी दिन सुनील को कोरोनेशन अस्पताल ले जाकर मेडिकल परीक्षण कराया गया और 45 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया गया। समाज कल्याण विभाग ने तहसील प्रशासन के सहयोग से उनका आय प्रमाण पत्र तैयार कराया और सभी औपचारिकताएं पूरी कर अगस्त माह से दिव्यांग पेंशन स्वीकृत कर दी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सुनील का कोई बैंक खाता नहीं था। ऐसे में जिला प्रशासन ने इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक के अधिकारियों से समन्वय कर बैंक कर्मियों को उनके घर भेजा, जहां उनके द्वार पर ही बैंक खाता खोला गया, ताकि पेंशन की राशि सीधे उनके खाते में पहुंच सके। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग ने उन्हें निःशुल्क नई व्हीलचेयर भी उपलब्ध कराई।
आज सुनील चन्द्र प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से बेहद भावुक हैं। उन्होंने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और पूरी प्रशासनिक टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें विश्वास हो गया है कि सरकार वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच रही है।
समाधान दिवस से बढ़ा जनता का भरोसा
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान द्वारा शुरू किया गया समाधान दिवस लगातार आम लोगों के लिए राहत का माध्यम बन रहा है। अधिकारियों की जवाबदेही तय होने और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिए जाने से लोगों का प्रशासन पर भरोसा मजबूत हुआ है। पहले की तुलना में लंबित शिकायतों में कमी आई है और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है।
डॉ. आशीष चौहान की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे केवल निर्देश देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि प्रत्येक महत्वपूर्ण प्रकरण की स्वयं समीक्षा कर यह सुनिश्चित करते हैं कि पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। उनकी संवेदनशील, जवाबदेह और जनहितैषी कार्यप्रणाली देहरादून में सुशासन का एक मजबूत उदाहरण बनती जा रही है। यही कारण है कि समाधान दिवस अब आम जनता के लिए उम्मीद, विश्वास और त्वरित न्याय का प्रतीक बन चुका है।
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व और जनसेवा की प्रेरणा से जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी पात्र नागरिक सरकारी सहायता से वंचित न रहे।



