उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी, पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; दून-मसूरी हाईवे पर बढ़ा खतरा
देहरादून। उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला जारी है। राजधानी देहरादून में गुरुवार को दिनभर धूप और बादलों के बीच लुकाछिपी चलती रही। शहर के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश के कई दौर हुए। देर रात भी बारिश जारी रही। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के पांच जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, शुक्रवार को उत्तराखंड के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। टिहरी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और देहरादून में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है।
दून में तापमान बढ़ा, जौलीग्रांट में 20.5 मिमी बारिश
देहरादून में मौसम के लगातार बदलते मिजाज के बीच तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 31.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा। शहर में 0.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
राज्य के अन्य हिस्सों में भी रुक-रुककर बारिश हुई। जौलीग्रांट में 20.5 मिमी, जखोली में 14.5 मिमी, मालदेवता में 14 मिमी, जबकि ऋषिकेश और थलीसैंण में 12.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
दून-मसूरी हाईवे पर लगातार बढ़ रहे डेंजर जोन
बारिश के कारण दून-मसूरी मार्ग पर मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पहाड़ियों से लगातार मलबा सड़क पर आ रहा है और कई स्थानों पर सड़क का हिस्सा धंस रहा है। इसके चलते मार्ग पर नए डेंजर जोन बन रहे हैं और यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
पिछले कुछ सप्ताह में इस मार्ग पर सड़क धंसने और भूस्खलन की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 20 जुलाई को कोल्हूखेत के पास पानीवाला बैंड क्षेत्र में सड़क धंसने के साथ दरारें आई थीं। इसके बाद 22 जुलाई को इसी क्षेत्र में पहाड़ी से भारी मलबा सड़क पर आ गया था और पेड़ भी गिर गए थे।
वहीं, पिछले सप्ताह कुठालगेट और अब 19 अगस्त को पानीवाला बैंड के पास हुए नए धंसाव ने चिंता बढ़ा दी है। सड़क के धंसे हिस्से का तकनीकी आकलन करने के लिए टीमें काम कर रही हैं।
वाटर प्वाइंट बैंड के पास पुश्ता गिरा
मसूरी-देहरादून मार्ग पर बुधवार देर रात वाटर प्वाइंट बैंड से पहले सड़क का पुराना पुश्ता भी ढह गया। हालांकि इससे यातायात पूरी तरह बाधित नहीं हुआ। सूचना मिलने पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बैरिकेडिंग कर एक तरफ से यातायात संचालित कराया।
जेई प्रदीप साही के मुताबिक, बारिश के कारण पुराना पुश्ता गिरा है। फिलहाल एक तरफ से यातायात सुचारु रखा गया है।



