उत्तराखंड में भारी बारिश का असर, चीन सीमा से टूटा संपर्क; कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित
उत्तराखंड मौसम। उत्तराखंड में मौसम की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। देहरादून समेत राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिथौरागढ़ में धारचूला-तवाघाट हाईवे पर कुलागाड़ के पास मलबा और बोल्डर गिरने से बेली ब्रिज ध्वस्त हो गया। इससे चीन सीमा से संपर्क पूरी तरह कट गया है। साथ ही दारमा, व्यास और चौदास घाटियों की आवाजाही भी ठप हो गई है।
लगातार बारिश के बीच नैनीताल के अयारपाटा क्षेत्र में घने जंगलों के बीच बारिश का पानी जमा होने से प्राकृतिक झील बन गई है। वहीं देहरादून में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। बुधवार को दिनभर धूप खिली रही, लेकिन शाम होते ही अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई।
देहरा खास स्थित देव ऋषि कॉलोनी में मंगलवार देर रात तेज बारिश के दौरान एक मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में एक ही परिवार के पांच लोग घायल हो गए। इनमें एक महिला को गंभीर चोटें आई हैं।
देहरादून में पिछले 24 घंटे के भीतर तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बुधवार को दून का अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से चार डिग्री अधिक था। दिन में तेज गर्मी और उमस से लोग परेशान रहे, जबकि शाम को बारिश होने के बाद तापमान में मामूली गिरावट आई।
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। अस्पतालों में वायरल बुखार और मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। टिहरी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और देहरादून में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की आशंका है। प्रदेशभर में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की चेतावनी भी जारी की गई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।



