पहाड़ों में फिर सक्रिय हुआ बारिश का दौर, पंचाचुली में हिमपात, अलर्ट हुआ जारी
देहरादून: उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में बीते दो दिनों से वर्षा का दौर जारी है। देहरादून समेत कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई है। मौसम विभाग का पर्वतीय क्षेत्रों को लेकर किया गया पूर्वानुमान भी सही साबित हुआ है। पंचाचुली में हिमपात हुआ है, जबकि कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है।
नैनीताल में मंगलवार को बादल छाए हुए हैं। झील से 18 इंच पानी की निकासी की गई है। वहीं पिथौरागढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रात को बारिश हुई। फिलहाल हल्के बादलों के बीच धूप खिली हुई है। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग चौथे दिन भी बंद है, जिससे चीन सीमा का संपर्क कटा हुआ है। टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर घाट बैंड में पत्थर गिरने से यातायात अभी भी बाधित हो रहा है। जिले में 15 सड़कें बंद हैं।
धारचूला तहसील के ताकुल गांव के मल्ला घट्टाबगड़ तोक में भारी बारिश से दो मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। मूंगा देवी और कमला देवी के घर का आंगन पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। आंगन धंसने के कारण अब आवासीय मकान भी इसकी चपेट में आ गया है और कभी भी नुकसान हो सकता है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कर राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
चंपावत में मंगलवार को मौसम ठीक है और धूप खिली हुई है। यहां न्यूनतम तापमान 16 और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अल्मोड़ा में भी आंशिक बादलों के बीच धूप खिली है। हालांकि, बारिश के बाद मलबा आने से तीन ग्रामीण सड़कें बंद हैं। यहां न्यूनतम तापमान 18 और अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है।
देहरादून में मंगलवार सुबह से रिमझिम बारिश होती रही। दोपहर बाद बारिश थम गई और शाम को धूप निकल आई। वहीं कुमाऊं के कई क्षेत्रों में जोरदार बारिश हुई। लगातार बारिश के बावजूद तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है।
मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर होने की आशंका है। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों में अगले कुछ दिन बारिश और बौछारों का दौर बना रह सकता है। हालांकि, मैदानी क्षेत्रों में बुधवार से बारिश की गतिविधियां धीमी पड़ने के आसार हैं। मौसम में बदलाव के बीच विशेषकर पर्वतीय मार्गों पर आवाजाही करने वालों को सतर्कता बरतने की जरूरत है।



