पौड़ी में आबकारी विभाग की कार्रवाई पर विवाद, दिवई गांव के ग्रामीणों ने डीएम से की जांच की मांग

पौड़ी: कल्जीखाल विकासखंड के दिवई गांव में आबकारी विभाग की कथित छापेमारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आबकारी विभाग की टीम की ओर से एक ग्रामीण के घर की तलाशी लिए जाने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए हैं। मामले को लेकर सोमवार को ग्रामीण पौड़ी पहुंचे और जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों के मुताबिक, बीते गुरुवार 10 सितंबर को आबकारी विभाग की टीम दिवई गांव पहुंची थी। बताया गया कि टीम किसी व्यक्ति की तलाश में गांव पहुंची और इसके बाद गौरव पटवाल उर्फ गोलू के घर पर तलाशी ली गई। परिजनों का आरोप है कि टीम में करीब सात से आठ लोग शामिल थे, जिनमें एक महिला भी थी। टीम ने घर में शराब या अन्य आपत्तिजनक सामग्री होने की सूचना के आधार पर तलाशी ली, लेकिन तलाशी के दौरान ऐसा कोई सामान नहीं मिला और टीम वापस लौट गई।
पीड़ित गौरव पटवाल का कहना है कि वह वर्ष 2021 से अपने परिवार के साथ देहरादून में रह रहे हैं और गांव में केवल त्योहारों के दौरान आते हैं। गांव स्थित उनके घर में उनके बुजुर्ग माता-पिता और चचेरी बहन रहती हैं। गौरव ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग की टीम अचानक उनके घर पहुंची और शराब बेचने का आरोप लगाते हुए तलाशी ली।
गौरव के अनुसार, उनके पिता और चचेरी बहन के सामने टीम ने घर की तलाशी ली। उन्होंने कार्रवाई के आधार और शिकायतकर्ता को लेकर भी सवाल उठाए। गौरव का कहना है कि यदि विभाग के पास कोई सूचना थी तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए थी।
गौरव के परिजन सुरेंद्र सिंह पटवाल और अर्जुन पटवाल ने भी आरोप लगाया कि गुरुवार सुबह सात से आठ लोग उनके घर पहुंचे और खुद को आबकारी विभाग की टीम बताया। इसके बाद घर की तलाशी शुरू कर दी गई। परिजनों के मुताबिक, तलाशी के दौरान घर का सामान इधर-उधर हो गया। जब गौरव के पिता ने कार्रवाई का कारण पूछा तो उन्हें शिकायत मिलने की बात बताई गई। हालांकि, तलाशी के दौरान घर से शराब या कोई अन्य आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।
परिजनों ने आरोप लगाया कि टीम की ओर से उन्हें कोई सर्च वारंट नहीं दिखाया गया और न ही सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपना परिचय पत्र दिखाया। इसी को लेकर उन्होंने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामले के बाद सोमवार 14 सितंबर को गौरव पटवाल के परिजन और क्षेत्र के ग्रामीण पौड़ी स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। ग्रामीणों ने मांग की कि आबकारी विभाग को सूचना देने वाले व्यक्ति की भी जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि किस सूचना के आधार पर टीम गांव पहुंची और घर की तलाशी ली गई।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि सूचना गलत थी तो गलत सूचना देने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि विभागीय कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने ग्रामीणों को मामले की जांच का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि कल्जीखाल ब्लॉक से आए ग्रामीणों ने उनके समक्ष पूरा मामला रखा है। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



