लगातार बारिश से हरिद्वार बेहाल, कई क्षेत्रों में सड़कें बनीं तालाब, जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

हरिद्वार: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब मैदानी जिलों में भी साफ दिखाई देने लगा है। गुरुवार सुबह हरिद्वार में हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए, जिससे आम जनजीवन और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। बारिश ने एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी।
सबसे अधिक जलभराव भगत सिंह चौक पर देखने को मिला, जहां करीब दो से तीन फीट तक पानी भर गया। चंद्राचार्य चौक और सिटी अस्पताल के बाहर भी सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई दुकानों में बारिश का पानी घुस गया, जबकि बाहर खड़े वाहन आधे पानी में डूबे नजर आए। भगत सिंह चौक स्थित रेलवे ओवरब्रिज के नीचे एक निजी बस भी जलभराव में फंस गई।
चंद्राचार्य चौक के पास एक कार पानी में बंद हो गई, जिसे लोगों ने धक्का लगाकर बाहर निकाला। कई दोपहिया वाहन भी बीच रास्ते में बंद हो गए। जलभराव के कारण फैक्ट्री कर्मचारियों, कॉलेज जाने वाले छात्रों और दैनिक यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में जलभराव की समस्या करीब 30 वर्षों से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि मानसून से पहले नालों की सफाई कराई गई थी, लेकिन देर रात से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। नगर निगम की टीमें जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से पानी निकासी के कार्य में जुटी हुई हैं।
बारिश का असर कनखल के लाटोवाली क्षेत्र और ज्वालापुर बाजार में भी देखने को मिला। लाटोवाली क्षेत्र में सड़कों पर करीब तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित रही। वहीं, ज्वालापुर के मुख्य बाजार में कई दुकानों के अंदर पानी घुसने से व्यापारियों को नुकसान की आशंका है। स्थानीय लोग लंबे समय से क्षेत्र में बेहतर ड्रेनेज सिस्टम की मांग कर रहे हैं।
इधर, हरिद्वार-नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर गैंडीखाता क्षेत्र में पेट्रोल पंप के सामने बनी पुलिया का एक हिस्सा अचानक धंस गया। घटना के समय वहां से गुजर रही उत्तराखंड रोडवेज की बस पुलिया में फंस गई। चालक की सूझबूझ से सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया, हालांकि बस के टायर क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलने पर संबंधित विभाग और एनएचएआई की टीम मौके पर पहुंची तथा बस को हटाकर यातायात आंशिक रूप से बहाल कराया गया। फिलहाल सड़क के आधे हिस्से से वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार बारिश थमने के बाद पुलिया की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।



