उत्तराखंड

हरिद्वार में कांवड़ यात्रा को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था बदली, जानिए किस वाहन के लिए कौन-सा रूट

Listen to this article

हरिद्वार: कांवड़ यात्रा-2026 के सुचारु संचालन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए हरिद्वार पुलिस और जिला प्रशासन ने 29 जुलाई से 11 अगस्त तक लागू रहने वाला विस्तृत यातायात डायवर्जन प्लान जारी किया है। कांवड़ियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए कांवड़ वाहनों, पैदल श्रद्धालुओं, रोडवेज एवं प्राइवेट बसों, चारधाम यात्रा वाहनों और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग और पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं।

 

हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सहारनपुर की ओर से आने वाले कांवड़ वाहन मंडावर, अब्दुल कलाम चौक, नगला ईमरती, लक्सर और एसएम तिराहा होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग पहुंचेंगे। यदि यातायात का दबाव बढ़ता है तो दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्गों से इसी पार्किंग तक भेजा जाएगा।

 

कांवड़ वाहनों के लिए विशेष रूट

 

मुरादाबाद, बिजनौर और नजीबाबाद की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को चिड़ियापुर, गैंडीखाता और 4.2 डायवर्जन के रास्ते गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग भेजा जाएगा। वहीं देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहन नेपाली तिराहा, सप्तऋषि तिराहा और दूधाधारी फ्लाईओवर होते हुए चमगादड़ टापू और लालजीवाला पार्किंग पहुंचेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर कांवड़ वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

 

पैदल कांवड़ियों के लिए अलग मार्ग

 

पैदल कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए भी अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। हरकी पैड़ी से दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हरियाणा की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्गों से भेजा जाएगा। वहीं मुरादाबाद और नजीबाबाद की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं तथा देहरादून-ऋषिकेश की ओर जाने वाले कांवड़ियों के लिए भी अलग-अलग मार्ग तय किए गए हैं।

 

रोडवेज और प्राइवेट बसों की पार्किंग व्यवस्था

 

देहरादून और ऋषिकेश से आने-जाने वाली रोडवेज बसों को मोतीचूर पार्किंग में खड़ा किया जाएगा। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से आने वाली बसों के लिए ऋषिकुल मैदान पार्किंग निर्धारित की गई है, जबकि नजीबाबाद रूट की बसों को नीलधारा और गौरीशंकर पार्किंग भेजा जाएगा। प्राइवेट बसों के लिए भी लगभग यही व्यवस्था लागू रहेगी।

 

भारी वाहनों और चारधाम यात्रा के लिए विशेष व्यवस्था

 

29 जुलाई से 11 अगस्त तक भारी वाहनों के संचालन पर विशेष प्रतिबंध लागू रहेगा। 29 जुलाई से 4 अगस्त तक भारी वाहन केवल रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक संचालित होंगे, जबकि 5 से 11 अगस्त तक उनका संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।

 

चारधाम यात्रा पर जाने वाले वाहनों के लिए अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले वाहनों को मेरठ, गढ़मुक्तेश्वर, नजीबाबाद, कोटद्वार, पौड़ी और श्रीनगर मार्ग से संचालित किया जाएगा।

 

मुजफ्फरनगर में भी ट्रैफिक डायवर्जन लागू

 

कांवड़ यात्रा के मद्देनजर मुजफ्फरनगर पुलिस ने भी 29 जुलाई की मध्यरात्रि से 12 अगस्त तक एनएच-58 पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। 29 जुलाई से 4 अगस्त तक हाईवे की एक लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी, जबकि 4 अगस्त से दोनों लेन केवल कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रहेंगी। अन्य वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।

 

प्रशासन ने श्रद्धालुओं, वाहन चालकों और बस संचालकों से अपील की है कि वे जारी किए गए डायवर्जन प्लान का पालन करें, ताकि कांवड़ यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!