मानसून के चलते केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा अगले आदेश तक हुई बंद, श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील

केदारनाथ : उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही केदारनाथ धाम के लिए संचालित हेलीकॉप्टर सेवाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय खराब मौसम और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की गाइडलाइंस के अनुसार लिया गया है।
डीएम ने जारी किए आदेश
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि मौसम सामान्य होने और आवश्यक अनुमति मिलने तक सभी हेलीकॉप्टर सेवाएं बंद रहेंगी। आदेश के बाद थम्बी एविएशन, हिमालयन हेली, राजस एयरो, यूनाइटेड हेलीचार्टर्स, पिलग्रिमेज एविएशन, चिप्सन एविएशन, ट्रांस भारत एविएशन समेत अन्य कंपनियों के हेलीकॉप्टर अपने-अपने बेस पर वापस लौट गए हैं।
अब इन विकल्पों से होगी यात्रा
हेलीकॉप्टर सेवाएं बंद होने के बाद केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को फिलहाल पैदल मार्ग, टट्टू, खच्चर और पालकी जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाओं का सहारा लेना होगा। मौसम अनुकूल होने के बाद ही हेली सेवाएं दोबारा शुरू की जाएंगी।
4 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 4 जुलाई तक रुद्रप्रयाग समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
2 जुलाई: देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश, जबकि हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में भारी वर्षा का अनुमान।
3 जुलाई: नैनीताल और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश, जबकि देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में भारी बारिश की संभावना।
यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के चलते भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़क अवरुद्ध होने, नदियों-नालों के उफान, जलभराव और फ्लैश फ्लड जैसी स्थितियां बन सकती हैं। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की गई है।
आपदा प्रबंधन तंत्र अलर्ट पर
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने सभी जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सक्रिय रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने, राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने और संबंधित अधिकारियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश जारी किए हैं।



