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सोते वक्त अचानक क्यों पैरों की चढ़ जाती है नस पर नस? कहीं किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं

Why do your leg muscles suddenly cramp up while sleeping? Could it be a sign of a serious underlying condition?

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अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि रात में सोते वक्त उनके पैरों की नस अचानक चढ़ जाती है, जिस कारण न सिर्फ तेज दर्द होता है बल्कि पैर भी जल्दी सीधा नहीं होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं आखिर यह समस्या रात में ही ज्यादा क्यों होती है?

कभी गहरी नींद में अचानक पैर में तेज खिंचाव महसूस हुआ है, जैसे नस अकड़ गई हो और दर्द सहन से बाहर हो जाए? कई लोग इस अनुभव को ‘नस पर नस चढ़ना’ कहते हैं. उस समय न पैर सीधा होता है, न हिल पाते हैं, और कुछ सेकंड से लेकर मिनट तक बेचैनी बनी रहती है. इस समस्या को लेकर अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि यह खासतौर पर रात में ही क्यों होती है, और क्या इसके पीछे कोई गंभीर कारण है?

क्यों नस पर नस चढ़ जाती है 

सामान्य जानकारी के अनुसार, जिसे हम ‘नस पर नस चढ़ना’ कहते हैं, वह असल में नसों की नहीं बल्कि मांसपेशियों की ऐंठन (मसल क्रैंप) होती है. जब मसल्स अचानक सिकुड़ जाती हैं और रिलैक्स नहीं हो पातीं, तब यह दर्द अचानक होने लगता है. अब सवाल आता है कि आखिर रात के समय ही क्यों होती है, तो जान लीजिए कि यह समस्या ज्यादा तर रात में इसलिए होती है क्योंकि सोते समय शरीर की पोजिशन स्थिर रहती है और ब्लड सर्कुलेशन थोड़ा धीमा हो सकता है. ऐसे में मसल्स को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता, जिससे ऐंठन पैदा हो जाती है।

इस समस्या के पीछे कई आम लेकिन अनदेखे कारण हो सकते हैं:

पानी की कमी (डिहाइड्रेशन).

इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन यानी शरीर में मैग्नीशियम, पोटैशियम और कैल्शियम की कमी.

लंबे समय तक बैठना या खड़े रहने से ब्लड फ्लो प्रभावित होता है, जिस कारण ऐसी स्थिति बन सकती है.

प्रेग्नेंसी के दौरान हार्मोनल बदलाव और पोषण की बढ़ती जरूरतों के कारण भी इस तरह की स्थिति हो सकती है.

विटामिन की कमी खासकर विटामिन B12 और D की कमी के कारण भी इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है.

इन सबके अलावा, ज्यादा थकान या एक्सरसाइज करने से भी नस पर नस चढ़ सकती है।

अगर रात में क्रैंप हो जाए तो तुरंत पैर को धीरे-धीरे सीधा करें और हल्की स्ट्रेचिंग करें. मसाज या गर्म पानी से सिकाई भी आराम दे सकती है. बचाव के लिए दिनभर 2-3 लीटर पानी जरूर पिएं, संतुलित आहार लें जिसमें हरी सब्जियां, केला, दूध और नट्स शामिल हों. सोने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग करने की आदत डालें और लंबे समय तक एक ही पोजिशन में बैठने से बचें. अगर समस्या बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है ताकि सही कारण का पता लगाकर इलाज किया जा सके।

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

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