हरिद्वार में मनमाना किराया वसूलना पड़ा भारी, 25 वाहनों के चालान, 5 ई-रिक्शा सीज

हरिद्वार: कांवड़ यात्रा से पहले श्रद्धालुओं और यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों पर परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर परिवहन विभाग की टीम ने आम यात्री बनकर ई-रिक्शा और ऑटो में सफर किया। रियलिटी चेक के दौरान शिकायतें सही पाए जाने पर विभाग ने 25 वाहनों का चालान किया, जबकि गंभीर अनियमितता मिलने पर 5 ई-रिक्शा और ऑटो सीज कर दिए।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान अधिकारियों ने अलग-अलग मार्गों पर सामान्य यात्रियों की तरह सफर कर किराया वसूली की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। जांच में कई चालक निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलते पाए गए, जिनके खिलाफ मौके पर ही मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान एक ई-रिक्शा चालक ने भेल फाउंड्री गेट से विकास भवन तक लगभग 8 किलोमीटर की दूरी के लिए एक यात्री से 200 रुपये वसूल लिए। जबकि निर्धारित दर 12 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से इस दूरी का किराया करीब 96 रुपये बनता है। निर्धारित किराए से दोगुने से अधिक राशि वसूलने पर विभाग ने संबंधित ई-रिक्शा को तत्काल सीज कर दिया।
परिवहन कर अधिकारी (टीटीओ) वरुणा सैनी के नेतृत्व में संचालित इस अभियान का उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों को निर्धारित दरों पर सुरक्षित एवं पारदर्शी परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा ने कहा कि निर्धारित किराए से अधिक वसूली किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे आकस्मिक और सघन प्रवर्तन अभियान जारी रहेंगे तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग ने सभी ई-रिक्शा और ऑटो चालकों से निर्धारित किराया सूची का पालन करने तथा यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार करने की अपील की है। वहीं आम नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि यदि कोई चालक ओवरचार्जिंग करता है या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता करता है तो इसकी सूचना तत्काल परिवहन विभाग या जिला प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके।



