
चंपावत : उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। एक 10वीं की छात्रा, जो दिन-भर मेहनत कर अपने बीमार पिता के लिए दवाइयां जुटाती थी, उसे कुछ रसूखदार दरिंदों ने अपनी हवस का शिकार बनाया। पुलिस ने इस मामले में भाजपा मंडल उपाध्यक्ष समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
रस्सी से बंधे हाथ-पैर और कमरे में ताला: हैवानियत की दास्ताँ
खबर के मुताबिक, छात्रा एक सहेली की मेहंदी की रस्म में शामिल होने गई थी। वहां मौजूद पूर्व प्रधान व भाजपा नेता पूरन सिंह रावत, उसके भतीजे और एक अन्य युवक ने छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों ने छात्रा को बेदम होने तक पीटा और जब उसने मदद के लिए फोन करना चाहा, तो मोबाइल छीन लिया। दरिंदों ने उसे निर्वस्त्र कर हाथ-पैर बांधे और कमरे में ताला लगाकर उसे मरने के लिए छोड़ दिया।
आधी रात को पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
देर रात छात्रा की एक संक्षिप्त कॉल उसके पिता को मिली, जिसके बाद फोन बंद हो गया। अनहोनी की आशंका में पिता ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छापेमारी की और बंद कमरे से छात्रा को बदहवास और बंधी हुई हालत में बरामद किया।
आइसक्रीम बेचकर पाल रही थी बीमार पिता को
पीड़िता की कहानी किसी के भी आंसू निकाल दे। 10वीं में पढ़ने वाली यह बच्ची:
चंपावत में दुकान पर आइसक्रीम बेचकर घर का खर्चा चलाती है।
अपने 70 वर्षीय बीमार पिता का एकमात्र सहारा है।
बचपन में माँ को खोने के बाद उसने संघर्ष को ही अपनी नियति बना लिया था।
आरोपियों की प्रोफाइल और कानूनी कार्रवाई
पूरन सिंह रावत: पूर्व प्रधान और भाजपा का वर्तमान मंडल उपाध्यक्ष।
नवीन सिंह: डेयरी का काम करने वाला आरोपी।
विनोद सिंह: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा युवक।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 70(2), 127(2), 351(2) और पॉक्सो एक्ट (POCSO) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।



