तराई पश्चिमी वन प्रभाग की बड़ी सफलता, 480 टिन लीसा के साथ कैंटर जब्त

रामनगर: तराई पश्चिमी वन प्रभाग की बन्नाखेड़ा रेंज की टीम ने अवैध लीसा (रेजिन) के परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध दस्तावेजों के ले जाए जा रहे 480 टिन लीसा से भरे एक कैंटर को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान वाहन चालक जंगल की ओर फरार हो गया, जबकि परिचालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। वन विभाग ने कैंटर और बरामद लीसा को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
वन विभाग के अनुसार, बन्नाखेड़ा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कैंटर संख्या UK19CA0856 रानीखेत-भिकियासैंण से बेतालघाट होते हुए रामनगर की ओर आ रहा है। सूचना मिलते ही उप वन क्षेत्राधिकारी दीवान सिंह रौतेला के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया और बन्नाखेड़ा, बैलपड़ाव, नया गांव तथा बरैनी क्षेत्र में नाकाबंदी कर दी गई।
करीब रात 10:30 बजे नया गांव क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान संदिग्ध कैंटर दिखाई दिया। वन कर्मियों ने वाहन रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने वाहन तेज गति से बरैनी की ओर मोड़ दिया। इसके बाद बन्नाखेड़ा और बरैनी रेंज की संयुक्त टीम ने वाहन का पीछा किया।
कुछ दूरी पर चालक ने नया गांव-बरैनी मोटर मार्ग के किनारे जंगल के पास कैंटर रोक दिया। इसके बाद चालक और परिचालक दोनों जंगल की ओर भागने लगे। चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि वन विभाग की टीम ने परिचालक को पकड़ लिया।
वाहन की तलाशी लेने पर उसके ऊपर फूड कैट लदे मिले। इन्हें हटाकर जांच करने पर काली पन्नी से ढके 480 टिन लीसा बरामद हुए। जब परिचालक से लीसा के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
वन विभाग ने कैंटर और बरामद लीसा को विभागीय अभिरक्षा में लेकर रेंज कार्यालय बन्नाखेड़ा पहुंचा दिया है। फरार चालक की तलाश की जा रही है और मामले में वन अधिनियम के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।
डीएफओ तराई पश्चिमी प्रकाश आर्या ने कहा कि वन विभाग द्वारा अवैध रूप से लीसा परिवहन करने वालों के खिलाफ लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। बिना वैध प्रपत्रों के लीसा परिवहन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



